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रानौली थाना परिसर में सीएलजी सदस्यों की बैठक:केवल 9 लोग हुए शामिल; कानून व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और अपराधों की रोकथाम पर चर्चा


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रानौली थाना परिसर में सीएलजी सदस्यों की बैठक:केवल 9 लोग हुए शामिल; कानून व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और अपराधों की रोकथाम पर चर्चा

रानौली थाना परिसर में सीएलजी सदस्यों की बैठक:केवल 9 लोग हुए शामिल; कानून व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और अपराधों की रोकथाम पर चर्चा

रानौली : रानौली थाने में रविवार को सीएलजी (कम्युनिटी लाइजन ग्रुप) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कुल सदस्यों में से केवल 9 सदस्य ही उपस्थित रहे। बैठक में क्षेत्र की कानून व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और अपराधों की रोकथाम से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई।

बैठक के दौरान क्षेत्र में गांजा, अफीम सहित अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने की मांग प्रमुखता से उठी। सदस्यों ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने और नशे के कारोबार में लिप्त व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता बताई। कोछोर मोड़ समेत अन्य संवेदनशील चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का सुझाव भी दिया गया, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और आपराधिक वारदातों के बाद आरोपियों की पहचान में सहायता मिल सके।

इसी के साथ हाईवे पर घूम रहे बेसहारा पशुओं का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया। सदस्यों ने कहा कि इन पशुओं के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने सुझाव दिया कि बेसहारा पशुओं को पकड़कर गौशालाओं में भेजने की व्यवस्था की जाए, जिससे सड़क हादसों को कम करने में मदद मिल सके।

पलसाना-खंडेला मोड़ पर लगने वाले जाम की समस्या पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने बताया कि यातायात के अत्यधिक दबाव के कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। इसके साथ ही रानौली मुख्य स्टैंड पर अतिक्रमण और वाहनों के जाम की समस्या को भी उठाया गया। सदस्यों ने बड़े अंडरपास सहित मुख्य स्टैंड की इन समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की।

सीएलजी सदस्य शंकरलाल यादव ने शिश्यूं रोड पर सीसीटीवी कैमरों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि शिश्यूं से रानोली स्टेशन तक लगभग तीन किलोमीटर के क्षेत्र में कोई कैमरा नहीं है, जिससे वारदात के बाद अपराधियों के अलग-अलग रास्तों से भाग निकलने की आशंका बनी रहती है। यादव ने अपने घर के सामने भी कैमरा लगाने की बात कही। बैठक में क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिस तथा जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।

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