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मिट्टी में दबने के 12-घंटे बाद निकला मजदूर का शव:मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठा परिवार, बिल्डिंग मालिक और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग


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मिट्टी में दबने के 12-घंटे बाद निकला मजदूर का शव:मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठा परिवार, बिल्डिंग मालिक और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग

मिट्टी में दबने के 12-घंटे बाद निकला मजदूर का शव:मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठा परिवार, बिल्डिंग मालिक और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : नैना शेखावत

सीकर : सीकर में मिट्टी में दबने से मजदूर की मौत के बाद रविवार को लोग धरने पर बैठ गए। परिवार को उचित मुआवजा देने सहित ठेकेदार, बिल्डिंग मलिक पर कार्रवाई की मांग की जा रही है। धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानी जाती तब तक धरना जारी रहेगा।

मामला पिपराली रोड पर उद्योग नगर थाना इलाके में आदर्श हॉस्टल के पास का है। शनिवार दोपहर 1:30 बजे सीकर के इस्लामिया स्कूल के पास रहने वाला सिकंदर अली (28) पुत्र नवाब अली आदर्श हॉस्टल बिल्डिंग के पास सेफ्टी टैंक की खुदाई के लिए गया हुआ था। इसी दौरान मिट्टी ढह गई थी। सिकंदर करीब 22 फीट नीचे दब गया। करीब 12 घंटे बाद एसडीआरएफ,सिविल डिफेंस टीम ने उसके शव को निकाला और एसके हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया।

देर रात सिकंदर के शव को मिट्टी से निकाला गया।
देर रात सिकंदर के शव को मिट्टी से निकाला गया।

खुदाई का अच्छा एक्सपीरियंस था

मृतक सिकंदर अली के भाई जाकिर ने बताया- भाई को खुदाई का 15 साल का एक्सपीरियंस था। जो आदर्श गर्ल्स हॉस्टल के लिए सेफ्टी टैंक की खुदाई करने के लिए गया था। इसी दौरान करीब 20 से 21 फीट की गहराई में अचानक मिट्टी ढह गई। करीब 12 घंटे तक रेस्क्यू चलने के बाद रात डेढ़ से 2 बजे के बीच उसके शव को बाहर निकाला गया।

अब हमारी मांग है कि परिवार को उचित मुआवजा मिले। इसके साथ ही इस मामले में हॉस्टल मालिक और काम करवाने वाले ठेकेदार के खिलाफ भी कार्रवाई हो। क्योंकि उन्होंने लापरवाही से काम करवाया जिसकी वजह से सिकंदर की मौत हुई। सिकंदर अली के परिवार की आर्थिक हालत भी ज्यादा ठीक नहीं है। उसके तीन बच्चे हैं। खुदाई का काम नहीं मिलने पर सिकंदर कंस्ट्रक्शन साइटों पर मजदूरी करने के लिए जाता था।

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