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‘डॉक्टर दीदी’ बनीं ग्रामीण महिलाओं की उम्मीद: एएनएम कमला ने 13 साल में करवाईं 1351 नॉर्मल डिलीवरी, मातृ मृत्यु दर रही शून्य


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‘डॉक्टर दीदी’ बनीं ग्रामीण महिलाओं की उम्मीद: एएनएम कमला ने 13 साल में करवाईं 1351 नॉर्मल डिलीवरी, मातृ मृत्यु दर रही शून्य

'डॉक्टर दीदी' बनीं ग्रामीण महिलाओं की उम्मीद: एएनएम कमला ने 13 साल में करवाईं 1351 नॉर्मल डिलीवरी, मातृ मृत्यु दर रही शून्य

सुजानगढ़ : सुजानगढ़ ब्लॉक के भानीसरिया तेज उप स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत एएनएम कमला मेघवाल ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं के लिए भरोसे का दूसरा नाम बन चुकी हैं। आसपास के 10 से अधिक गांवों में लोग उन्हें प्यार से ‘डॉक्टर दीदी’ कहकर बुलाते हैं। पिछले 13 वर्षों में उन्होंने 1351 सुरक्षित सामान्य प्रसव कराए हैं और खास बात यह है कि इस दौरान मातृ मृत्यु का एक भी मामला सामने नहीं आया।

कमला मेघवाल पिछले 15 वर्षों से भानीसरिया उप स्वास्थ्य केंद्र पर सेवाएं दे रही हैं। वे हर महीने औसतन 15 से अधिक सामान्य प्रसव कराती हैं। उनकी कार्यशैली और बेहतर परिणामों के कारण सिर्फ आसपास के गांवों की ही नहीं, बल्कि रतनगढ़, छापर, राजलदेसर और सुजानगढ़ से भी गर्भवती महिलाएं सामान्य प्रसव के लिए यहां पहुंच रही हैं।

कमला मेघवाल ने ग्रामीण महिलाओं में एनीमिया की समस्या से निपटने के लिए भी अनोखी पहल की। आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां देने के बाद अगली जांच में वे महिलाओं से दवा के खाली रैपर वापस मंगवाती हैं, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि दवा की पूरी खुराक ली गई है। इस पहल का सकारात्मक असर गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर देखने को मिला है।

भानीसरिया मॉडल की सफलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी इसे आदर्श मानते हुए आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। सीएमएचओ ने बताया कि जिला कलेक्टर के निर्देश पर जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और विभिन्न लेबर रूम के प्रभारी डॉक्टरों एवं स्टाफ को भानीसरिया केंद्र भेजा गया, ताकि वे यहां की कार्यप्रणाली को समझकर अपने-अपने अस्पतालों में लागू कर सकें।

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में एएनएम कमला मेघवाल की यह उपलब्धि न केवल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक मिसाल बनी है, बल्कि यह भी साबित करती है कि समर्पण, अनुभव और संवेदनशीलता से सीमित संसाधनों में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

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