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गर्भवती महिलाओं के लिए ‘प्रसव सखी हेल्प डेस्क’ शुरू:बीडीके हॉस्पिटल में भर्ती से डिस्चार्ज तक मिलेगी मदद, नर्सिंग छात्राएं और महिला कार्मिक रहेंगी साथ


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गर्भवती महिलाओं के लिए ‘प्रसव सखी हेल्प डेस्क’ शुरू:बीडीके हॉस्पिटल में भर्ती से डिस्चार्ज तक मिलेगी मदद, नर्सिंग छात्राएं और महिला कार्मिक रहेंगी साथ

गर्भवती महिलाओं के लिए 'प्रसव सखी हेल्प डेस्क' शुरू:बीडीके हॉस्पिटल में भर्ती से डिस्चार्ज तक मिलेगी मदद, नर्सिंग छात्राएं और महिला कार्मिक रहेंगी साथ

झुंझुनूं : झुंझुनूं के सबसे बड़े राजकीय बीडीके हॉस्पिटल में गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में प्रवेश से लेकर सुरक्षित प्रसव और डिस्चार्ज तक किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए “प्रसव सखी हेल्प डेस्क” शुरू की गई है। इस व्यवस्था के तहत महिला कार्मिक, नर्सिंग छात्राएं और इंटर्नशिप छात्राएं हर गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचने से लेकर छुट्टी मिलने तक मार्गदर्शन और सहायता देंगी।

हर गर्भवती महिला के लिए पहला संपर्क केंद्र

पीएमओ एवं अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. जितेंद्र भाम्बू ने बताया कि यह विशेष हेल्प डेस्क अस्पताल में आने वाली हर गर्भवती महिला के लिए भरोसेमंद पहला संपर्क केंद्र के रूप में काम करेगी। यहां महिलाओं को हर चरण में मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

क्या है प्रसव सखी हेल्प डेस्क

बीडीके हॉस्पिटल प्रशासन की ओर से शुरू की गई इस व्यवस्था के तहत अस्पताल में कार्यरत महिला कार्मिकों, नर्सिंग छात्राओं और इंटर्नशिप छात्राओं को “प्रसव सखी” के रूप में तैनात किया गया है। यह टीम अस्पताल में आने वाली हर गर्भवती महिला का स्वागत करेगी और शुरुआती चरण से लेकर हॉस्पिटल से छुट्टी मिलने तक पूरी जिम्मेदारी के साथ सहयोग करेगी।

कागजी प्रक्रिया और भागदौड़ से मिलेगी राहत

प्रसूति विभाग की सह आचार्य डॉ. प्रियंका शेखसरिया ने बताया कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को अस्पताल की कागजी औपचारिकताओं और भागदौड़ से राहत दिलाना है, ताकि वे बिना मानसिक तनाव के बेहतर इलाज करा सकें।

मुख्य गेट से लेबर रूम तक मिलेगा साथ

अस्पताल के मुख्य गेट पर बनाई गई डेडिकेटेड हेल्प डेस्क पर गर्भवती महिला और उसके परिजनों को तुरंत मार्गदर्शन दिया जाएगा। इसके बाद उन्हें सुरक्षित तरीके से निर्धारित लेबर रूम या इमरजेंसी यूनिट तक पहुंचाने में प्रसव सखी पूरी मदद करेगी।

भर्ती और जटिल मामलों में भी रहेगी मदद

प्रसव सखी गर्भवती महिला के हॉस्पिटल पहुंचने से लेकर रजिस्ट्रेशन, डॉक्टर से परामर्श, जरूरी जांच, सोनोग्राफी और इलाज की सभी प्रक्रियाओं में सहयोग करेगी। यदि महिला को भर्ती करने की जरूरत होगी तो वार्ड आवंटन से लेकर सिजेरियन ऑपरेशन, जटिल प्रसव और जरूरत पड़ने पर ब्लड बैंक से समन्वय स्थापित करने तक की जिम्मेदारी भी प्रसव सखी निभाएगी।

मां और नवजात की देखभाल में सहयोग

प्रसव के बाद प्रसवोत्तर वार्ड में मां की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। यदि किसी तरह की आपात स्थिति या प्रसवोत्तर जटिलता होती है तो तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही नवजात शिशु की देखभाल से जुड़ी जानकारी और सहयोग भी परिवार को दिया जाएगा।

डिस्चार्ज के समय भी मिलेगा मार्गदर्शन

हॉस्पिटल से डिस्चार्ज के समय प्रसूता को दी जाने वाली दवाइयों की जानकारी, अगली फॉलोअप तारीख, नवजात के टीकाकरण और प्रसवोत्तर देखभाल के बारे में विस्तार से समझाया जाएगा, ताकि घर जाने के बाद भी जच्चा और बच्चा सुरक्षित रह सकें।

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