राणासर पवन में स्कूल भवन जर्जर:महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर बच्चे, कलेक्टर से की कार्रवाई की मांग
राणासर पवन में स्कूल भवन जर्जर:महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर बच्चे, कलेक्टर से की कार्रवाई की मांग
सरदारशहर : सरदारशहर के ग्राम राणासर पवन में महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल के लिए भूमि आवंटन और ओबीसी जनसंख्या गणना में गड़बड़ी को लेकर ग्रामीणों ने आवाज उठाई है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर और चूरू सांसद से मुलाकात कर दोनों मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा।
दो कमरों में चल रहा स्कूल, पीपल के पेड़ के नीचे पढ़ते हैं बच्चे
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम विद्यालय पिछले पांच सालों से संचालित हो रहा है। सरकार ने स्कूल के पुराने भवनों को जर्जर घोषित कर ध्वस्त कर दिया था। वर्तमान में विद्यालय में सिर्फ दो कमरे बचे हैं, जिनमें से एक कार्यालय और दूसरा कक्षा के रूप में उपयोग हो रहा है। जगह की कमी के कारण अधिकांश विद्यार्थियों को पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
चार माह से अटका है भूमि आवंटन का प्रस्ताव
ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय के विस्तार के लिए करीब चार माह पहले भूमि आवंटन का प्रस्ताव प्रशासन को भेजा गया था, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। चूरू सांसद से मुलाकात के दौरान उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर विद्यालय के लिए शीघ्र भूमि आवंटन कराने का प्रयास किया जाएगा।
ओबीसी जनसंख्या गणना में भी गड़बड़ी का आरोप
इस दौरान ग्रामीणों ने ओबीसी जनसंख्या गणना में आ रही विसंगतियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि राणासर पहले जेतासर ग्राम पंचायत का हिस्सा था। नई पंचायत बनने के बावजूद दोनों गांवों के बूथ एवं भाग संख्या अलग-अलग नहीं की गई हैं, जिससे राणासर के कई परिवारों की ओबीसी जनसंख्या जेतासर पंचायत में दर्ज हो रही है और वास्तविक आंकड़ों पर असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बूथ संख्या 14, 15, 17 और 18 को संबंधित पंचायतों में पृथक करने की मांग की।जिला कलेक्टर ने इस मामले की जांच करवाकर ओबीसी जनसंख्या का सही सत्यापन एवं गणना कराने का आश्वासन दिया।
आगे भी योजनाओं और आरक्षण पर पड़ सकता है असर
ग्रामीणों का कहना है कि नई ग्राम पंचायतों के गठन के बाद कई गांवों में भाग संख्या अलग न होने से ओबीसी और सामान्य वर्ग की जनसंख्या गलत पंचायतों में दर्ज हो रही है, जिससे भविष्य में सरकारी योजनाओं और आरक्षण संबंधी आंकड़ों पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। इस दौरान मुख्तार खान, छिपा देवीदत्त रायका, कुमाराम सियाग, कालूराम बांगड़वा, बाबूलाल शर्मा, अर्जुनराम पारीक, इंद्राज तथा भागसिंह गहलोत सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित थे।
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