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श्यामपुरा स्कूल प्रमोट होने के बाद क्लासरूम की कमी:बरामदों-स्टेज पर लग रहीं कक्षाएं, ग्रामीणों की प्रशासन से निर्माण की मांग


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श्यामपुरा स्कूल प्रमोट होने के बाद क्लासरूम की कमी:बरामदों-स्टेज पर लग रहीं कक्षाएं, ग्रामीणों की प्रशासन से निर्माण की मांग

श्यामपुरा स्कूल प्रमोट होने के बाद क्लासरूम की कमी:बरामदों-स्टेज पर लग रहीं कक्षाएं, ग्रामीणों की प्रशासन से निर्माण की मांग

खेतड़ी : खेतड़ी उपखंड के श्यामपुरा गांव के निमला जोहड़ स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में भवन की कमी के कारण विद्यार्थियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या से नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए सरकार और शिक्षा विभाग से नए कमरों के निर्माण तथा मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

विद्यालय की प्रधानाचार्य अनिता जांगिड़ ने बताया कि कक्षा 1 से 12 तक कुल 130 विद्यार्थी नामांकित हैं। विद्यालय परिसर में केवल छह कमरे हैं। इनमें से एक कमरे में कार्यालय संचालित होता है, जबकि एक कमरा जर्जर होने के कारण अनुपयोगी घोषित किया जा चुका है। शेष चार कमरों में ही पहली से बारहवीं तक की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इन चार कमरों में से भी तीन में बरसात के दौरान सीलन आ जाती है और प्लास्टर झड़ता रहता है।

एसएमसी अध्यक्ष शिवलाल कुमावत, वार्ड पंच गजानंद और रंगलाल कुमावत ने बताया कि कमरों की कमी के कारण विद्यार्थियों को बरामदों और खुले स्थानों पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थी बरामदे में बैठते हैं, जबकि कक्षा 8 के विद्यार्थी भामाशाह द्वारा निर्मित टिन स्टेज की छाया में अध्ययन करते हैं।

आठवीं से सीधे बारहवीं तक क्रमोन्नत किया

गर्मी और बरसात दोनों मौसमों में विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित होती है। कक्षा 12 की छात्राओं कर्नल और रौनक ने बताया कि उन्हें कार्यालय के सामने बने बरामदे में बैठकर पढ़ना पड़ता है, जहां गर्मी में तेज तापमान और बरसात में बारिश के छींटे पढ़ाई में बाधा डालते हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, यह विद्यालय काफी पुराना है और वर्ष 2023 में इसे आठवीं से सीधे बारहवीं तक क्रमोन्नत किया गया था, लेकिन भवन का विस्तार नहीं किया गया। भवन संकट का असर विद्यालय के नामांकन पर भी दिख रहा है। गत वर्ष विद्यालय में 142 विद्यार्थी नामांकित थे, जो इस वर्ष घटकर 130 रह गए हैं। कई अभिभावक अपने बच्चों का नाम कटवाकर अन्य विद्यालयों में भेज रहे हैं।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि विद्यालय के शौचालय जर्जर हो चुके हैं और उपयोग योग्य नहीं हैं, जिससे विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को भारी परेशानी होती है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने विद्यालय में नए कमरों, शौचालयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं का शीघ्र निर्माण कराने की मांग की। इस मौके पर प्रेमचंद, माडूराम, पूर्णमल और कैलाश सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।

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