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गलत इंजेक्शन से निवर्तमान पार्षद की तबीयत बिगड़ी:अस्पताल संचालक और स्टाफ पर कार्रवाई की मांग, मिनी सचिवालय पर प्रदर्शन किया


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चूरूटॉप न्यूज़राजस्थानराज्यसादुलपुर

गलत इंजेक्शन से निवर्तमान पार्षद की तबीयत बिगड़ी:अस्पताल संचालक और स्टाफ पर कार्रवाई की मांग, मिनी सचिवालय पर प्रदर्शन किया

गलत इंजेक्शन से निवर्तमान पार्षद की तबीयत बिगड़ी:अस्पताल संचालक और स्टाफ पर कार्रवाई की मांग, मिनी सचिवालय पर प्रदर्शन किया

सादुलपुर : सादुलपुर में एक निजी अस्पताल पर गलत इंजेक्शन लगाने, उपचार में लापरवाही और जातिसूचक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए लोगों ने प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों ने मिनी सचिवालय पहुंचकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।प्रदर्शनकारियों ने उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें अस्पताल संचालक, डॉक्टर और संबंधित स्टाफ के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड, दवाइयों और स्टाफ की शैक्षणिक योग्यता की भी जांच कराने की मांग उठाई गई है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

सामान्य परेशानी बताकर इंजेक्शन लगाने की सलाह दी

सादुलपुर कस्बे के वार्ड नंबर 5 निवासी रणजीत कुमार ने बताया-16 जून की शाम उनकी पत्नी ज्योति कुमारी, जो वार्ड 5 की निवर्तमान पार्षद हैं, को हल्का पेट दर्द हुआ। वे उन्हें सामने स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। आरोप है कि डॉक्टर ने सामान्य परेशानी बताकर इंजेक्शन लगाने की सलाह दी, जिसके तुरंत बाद उनकी पत्नी की तबीयत और बिगड़ गई।

अस्पताल के संचालक और डॉक्टर ने रणजीत कुमार के साथ जातिसूचक अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। मरीज की गंभीर स्थिति के बावजूद उन्हें अस्पताल से रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन ज्योति कुमारी को हिसार के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ।

रणजीत कुमार ने आरोप लगाया कि रेफर करते समय अस्पताल ने मरीज की स्थिति संबंधी गलत जानकारी दर्ज की। साथ ही, मूल ओपीडी पर्ची और दवाइयों का रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं कराया गया। बिना आवश्यक जांच के गलत इंजेक्शन लगाए जाने से मरीज के शरीर में संक्रमण फैल गया।

कानूनी कार्रवाई की मांग की

रणजीत कुमार ने पुलिस से डॉक्टर और संबंधित स्टाफ की शैक्षणिक योग्यता, अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच करने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

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