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सीकर के फतेहपुर तहसीलदार हितेश चौधरी सस्पेंड:गोचर भूमि की रजिस्ट्री मामले में हुई थी शिकायत, पहले SDM का भी हुआ था ट्रांसफर


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सीकर के फतेहपुर तहसीलदार हितेश चौधरी सस्पेंड:गोचर भूमि की रजिस्ट्री मामले में हुई थी शिकायत, पहले SDM का भी हुआ था ट्रांसफर

सीकर के फतेहपुर तहसीलदार हितेश चौधरी सस्पेंड:गोचर भूमि की रजिस्ट्री मामले में हुई थी शिकायत, पहले SDM का भी हुआ था ट्रांसफर

फतेहपुर : सीकर के फतेहपुर तहसीलदार हितेश चौधरी को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में हितेश को अजमेर राजस्व मुख्यालय में अपनी उपस्थिति देनी होगी। राजस्व विभाग के जारी आदेशों में सस्पेंशन के कारणों का जिक्र नहीं किया गया है। हालांकि, फतेहपुर के पिंजरापोल गौशाला मामले में भाजपा के पदाधिकारियों ने तहसीलदार की कार्यशैली पर नाराजगी जताई थी। जिला कलेक्टर को ज्ञापन तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

कार्रवाई को जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत देखा जा रहा

CM भजनलाल शर्मा के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई को ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ के तहत देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने पिछले 4 महीनों में कई बार इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी। चूंकि पूरे मामले की जांच का कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया था।

फतेहपुर के कसेरा बीहड़ क्षेत्र में स्थित लगभग 1100 बीघा गोचर भूमि की कथित अवैध रजिस्ट्री के बाद फरवरी 2026 में यह मामला सुर्खियों में आया था। संबंधित अधिकारियों पर आरोप लगे कि उन्होंने सरकारी गोचर भूमि को नियमों की अनदेखी कर निजी लोगों के नाम पर रजिस्ट्री कर दी। इस गोचर भूमि के पक्ष में भाजपाई भी लामबंद हुए थे, तभी से यह मामला गर्माया हुआ है। रजिस्ट्री के विरोध और इसे गोचर रखने के समर्थन में फतेहपुर कस्बे का बाजार भी बंद रहा था।

गोचर भूमि से जुड़ी कार्रवाई नहीं मान रहे थे भाजपाई

भाजपा नेताओं की शिकायतों के बावजूद लंबे समय तक किसी अधिकारी पर प्रत्यक्ष कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बनी हुई थी। अभी करीब डेढ़ महीने पहले, 13 मई को तत्कालीन SDM दमयंती कंवर का ट्रांसफर हो गया था, लेकिन भाजपाई इसे गोचर भूमि से जुड़ी कार्रवाई नहीं मान रहे थे।

ऐसा इसलिए क्योंकि दमयंती कंवर को बीकानेर नगर निगम में डिप्टी कमिश्नर के पद पर लगाया गया था। अब माना जा रहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने तहसीलदार हितेश चौधरी को सस्पेंड किया है।

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