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34 विधानसभा क्षेत्रों में गूंजा ‘सहभागी’ आंदोलन का संदेश


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34 विधानसभा क्षेत्रों में गूंजा ‘सहभागी’ आंदोलन का संदेश

इंजीनियर महावीर सिंह शेखावत के नेतृत्व में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम सौंपे सैकड़ों ज्ञापन

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : शैलेंद्र पारीक

नवलगढ़ : ईडब्ल्यूएस आरक्षण के सरलीकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर सहभागी राजपूत परिवार मंच के आह्वान पर बुधवार को राजस्थान के 34 विधानसभा क्षेत्रों में शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन सौंपे गए। मंच के अध्यक्ष इंजीनियर महावीर सिंह शेखावत झाझड़ के नेतृत्व में राजपूत समाज सहित सर्वधर्म और सर्वसमाज के लोगों ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए।

ज्ञापनों में ईडब्ल्यूएस आरक्षण का व्यापक सरलीकरण, इसे चुनावों में लागू करने, यूजीसी कानून वापस लेने, पेपर लीक मामलों में कड़ी सजा, उच्च शिक्षण संस्थानों में ईडब्ल्यूएस विद्यार्थियों के संरक्षण तथा विभिन्न सामाजिक मुद्दों से जुड़ी मांगें प्रमुख रहीं।

ईडब्ल्यूएस आरक्षण को 20 प्रतिशत करने की मांग

मंच की ओर से ईडब्ल्यूएस आरक्षण को वर्तमान व्यवस्था में व्यापक सरलीकरण के साथ 20 प्रतिशत करने की मांग रखी गई। साथ ही इसे पंचायतीराज और शहरी निकायों के साथ चुनाव आयोग द्वारा आयोजित अन्य चुनावों में भी लागू करने की मांग की गई।

यूजीसी कानून वापस लेने और पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की मांग

प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी से संबंधित कानून को वापस लेने तथा पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

देवराज सिंह पलाड़ा प्रकरण में न्याय की मांग

ज्ञापन में अमर शहीद देवराज सिंह पलाड़ा के परिवार को न्याय दिलाने, कम से कम एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता तथा एक स्थायी सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई गई।

सरकार से वार्ता की मांग

इंजीनियर महावीर सिंह शेखावत ने कहा कि सहभागी आंदोलन करीब छह महीने से चल रहा है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक वार्ता के लिए आमंत्रित नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार यदि मांगों पर वार्ता कर समाधान नहीं करती है तो आगामी पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनावों में इसका राजनीतिक असर देखने को मिल सकता है।

उन्होंने विपक्षी दलों से भी विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में इन मांगों को उठाने की अपील की। मंच की ओर से चेतावनी दी गई कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने पर आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से पूरे राजस्थान में और व्यापक किया जाएगा।

इस मौके पर नरपत सिंह बारवा, निकिंदर सिंह, प्रद्युम्न सिंह, रतन सिंह, छगन सिंह गोठडा, मदन सिंह, राजेंद्र सिंह, नाथू सिंह, प्रकाश सिंह, उदय सिंह, भूपेंद्र सिंह कसेरु, नरेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह, अमन सिंह, शिव सिंह, प्रहलाद सिंह कर्णावत बसावा, मदन सिंह, करण सिंह, करणपाल सिंह, उपेंद्र सिंह, नवीन सैनी, सुनील कुमार, पवन कुमार, फूल सिंह, सवाई सिंह, कैलाश सिंह, अशोक सिंह, महेंद्र सिंह, रणवीर सिंह, भगवान सिंह, महेंद्र सिंह, दुष्यंत सिंह, जगदीश सेन, विजेंद्र सेन, नवल सैनी, राम सिंह, गोवर्धन सिंह चिराना, सुरेंद्र सिंह, मुकेश सिंह, जितेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह बगला, हजारी, सुनील, धोलु सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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