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बरसात में जलभराव से राहत की तैयारी, झुंझुनूं के लिए डीपीआर पर काम शुरू


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बरसात में जलभराव से राहत की तैयारी, झुंझुनूं के लिए डीपीआर पर काम शुरू

प्रभारी सचिव डॉ. नवीन जैन ने सेवा शिविरों का किया निरीक्षण, समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश

झुंझुनूं : जिले में बरसात के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या से आमजन को राहत दिलाने की दिशा में प्रशासन ने कदम बढ़ा दिए हैं। झुंझुनूं जिले के प्रभारी सचिव डॉ. नवीन जैन ने जिले के दौरे के दौरान शहरी एवं ग्रामीण सेवा शिविरों का निरीक्षण करने के बाद कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, आमजन को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

इस दौरान उन्होंने झुंझुनूं शहर की वर्षों पुरानी जलभराव समस्या को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि बरसात के मौसम में शहर की प्रमुख सड़कों और कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जलभराव के स्थायी समाधान की दिशा में पहल

प्रभारी सचिव डॉ. नवीन जैन ने बताया कि अधिकारियों के साथ इस विषय पर विस्तार से चर्चा की गई है। शहर में जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और भविष्य में जलभराव की समस्या को खत्म करने के लिए तकनीकी स्तर पर योजना तैयार की जा रही है। डीपीआर तैयार होने के बाद इसे राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके आधार पर आवश्यक स्वीकृतियां जारी कर कार्य शुरू कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि झुंझुनूं शहर के लिए यह योजना लंबे समय तक राहत प्रदान करने वाली साबित होगी। साथ ही राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (आरयूआईडीपी) के आगामी चरण में भी कई विकास कार्यों को शामिल किया जाएगा, जिससे शहर की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और जल निकासी व्यवस्था में सुधार लाने में मदद मिलेगी।

सेवा शिविरों का किया निरीक्षण

समीक्षा बैठक से पहले डॉ. नवीन जैन ने नवलगढ़ और झुंझुनूं नगर परिषद क्षेत्र में आयोजित शहरी सेवा शिविरों का निरीक्षण किया। इसके अलावा उन्होंने गोठड़ा गांव में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का भी दौरा कर वहां दी जा रही सेवाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिविरों में आने वाले नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को त्वरित और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं हो।

योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे

समीक्षा बैठक में प्रभारी सचिव ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी एवं फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा आमजन को राहत पहुंचाने की है और इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि सेवा शिविरों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को विभिन्न योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और लाभों की पूरी जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे आमजन का सही मार्गदर्शन कर सकें। उन्होंने शिविरों में आने वाले लोगों की समस्याओं का अधिकतम समाधान मौके पर ही करने के निर्देश भी दिए।

जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ करें कार्य

बैठक में जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक राहत, सुविधाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा।

उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर उनका लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के प्रयास किए जाएं।

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा चल रही योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी। प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने और जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

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