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पाकिस्तान से छीनकर लाया गया था यह टैंक, अब रात में भी दिखेगी इसकी शान


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पाकिस्तान से छीनकर लाया गया था यह टैंक, अब रात में भी दिखेगी इसकी शान

जनमानस शेखावाटी न्यूज की खबर का असर, ऐतिहासिक टी-55 टैंक परिसर में लगाई गई फोकस लाइटें

झुंझुनूं : जिला मुख्यालय पर स्थापित ऐतिहासिक टी-55 टैंक अब रात के समय भी अपनी भव्यता के साथ नजर आएगा। जनमानस शेखावाटी न्यूज द्वारा टैंक परिसर में रोशनी व्यवस्था नहीं होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद नगर परिषद ने कार्रवाई करते हुए पूरे परिसर में फोकस लाइटें स्थापित कर दी हैं।

जिला कलेक्टर आवास और शहीद स्मारक के निकट ऊंचे प्लेटफॉर्म पर स्थापित यह टैंक पिछले करीब साढ़े तीन वर्षों से जिले की सैन्य गौरवगाथा का प्रतीक बना हुआ है। हालांकि अब तक रात में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने के कारण इसकी भव्यता पूरी तरह दिखाई नहीं देती थी। नई लाइटों के लगने के बाद अब यह टैंक दिन के साथ-साथ रात में भी आकर्षण का केंद्र बन गया है।

1971 युद्ध की वीरता का प्रतीक है टी-55 टैंक

यह टी-55 टैंक भारतीय सेना की शौर्यगाथा का प्रतीक माना जाता है। इसे 16 अक्टूबर 2022 को पुणे स्थित आर्म्ड फाइटिंग व्हीकल डिपो (किरकी) से विशेष ट्रेलर के माध्यम से झुंझुनूं लाया गया था। टैंक को स्थापित करने का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत करना और क्षेत्र की सैन्य परंपरा से उन्हें परिचित कराना था।

कैप्टन अयूब खान की वीरता से जुड़ा है इतिहास

झुंझुनूं की वीर भूमि के सैन्य इतिहास में पूर्व कैप्टन अयूब खान का नाम विशेष सम्मान के साथ लिया जाता है। वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध में उन्होंने असाधारण साहस का परिचय देते हुए दुश्मन के पैटन टैंकों को नष्ट किया और एक टैंक पर कब्जा कर भारतीय सीमा तक ले आए थे। उनकी वीरता के लिए उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया था।

बताया जाता है कि उनकी पुत्रवधू शबनम खान ने वर्षों पहले सेना और प्रशासन को पत्र लिखकर झुंझुनूं में सैन्य विरासत से जुड़ा टैंक स्थापित करने की मांग की थी, ताकि नई पीढ़ी देश के वीर सैनिकों के शौर्य से प्रेरणा ले सके।

खबर का असर

स्थानीय लोगों ने टैंक परिसर में रोशनी की व्यवस्था किए जाने पर नगर परिषद का आभार जताया है। उनका कहना है कि अब यह स्थल न केवल जिले की सैन्य विरासत को प्रदर्शित करेगा, बल्कि शाम और रात के समय भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।

भास्कर की खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने फोकस लाइट लगा दी
लाइट लगने के बाद टैंक रात में साफ साफ दिखाई देने लगा
पहले तीन साल अंधेरे में था टैंक
पहले तीन साल अंधेरे में था टैंक

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