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विधायक बोले- एलएलबी की है और कानून को समझते हैं:जनसुनवाई में अनुपस्थित मिले अधिकारी, एसडीएम से हल्की नोंकझोंक; कहा- व्यवस्था को मजाक बना दिया


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विधायक बोले- एलएलबी की है और कानून को समझते हैं:जनसुनवाई में अनुपस्थित मिले अधिकारी, एसडीएम से हल्की नोंकझोंक; कहा- व्यवस्था को मजाक बना दिया

विधायक बोले- एलएलबी की है और कानून को समझते हैं:जनसुनवाई में अनुपस्थित मिले अधिकारी, एसडीएम से हल्की नोंकझोंक; कहा- व्यवस्था को मजाक बना दिया

सादुलपुर : विधायक मनोज न्यांगली ने जनसुनवाई की व्यवस्था और अधिकारियों की गैरहाजिरी पर कड़ी आपत्ति जताई। जनसुनवाई एसडीएम की अध्यक्षता में होनी थी, लेकिन विधायक के पहुंचने पर एसडीएम सहित अधिकांश विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं मिले।

उन्होंने कहा कि जनसुनवाई जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था को मजाक बना दिया गया है। विधायक ने यह भी सवाल उठाया कि जब लोगों को जनसुनवाई की सूचना ही नहीं दी गई, तो आमजन अपनी समस्याएं लेकर कैसे पहुंचेंगे। सूचना के अभाव में जनसुनवाई में कम संख्या में लोग पहुंचे।

विधायक और एसडीएम के बीच हल्की नोकझोंक

जनसुनवाई में पहुंचे लोगों ने बिजली, पेयजल और रास्तों से संबंधित विभिन्न समस्याएं प्रस्तुत कीं, जिनके समाधान का अधिकारियों ने आश्वासन दिया। विधायक ने जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि जिला स्तर से पांच अधिकारियों को जनसुनवाई में शामिल होना था, लेकिन केवल एक अधिकारी ही उपस्थित हुआ। इसी तरह, ब्लॉक स्तर के अधिकांश अधिकारी भी कार्यक्रम से अनुपस्थित रहे।

विधायक न्यांगली ने जोर देकर कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है, लेकिन अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस पर एसडीएम मनोज खेमदा ने आश्वासन दिया कि अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे।

जनसुनवाई के दौरान शहर की स्ट्रीट लाइटें ठीक करने, गंदे पानी की डिग्गियों की सफाई करने, प्रधानमंत्री आवास योजना में पारदर्शिता बनाए रखने और कूचियां बस्ती में बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं बहाल करने की मांग भी की गई।

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