बीएसएफ जवान की मौत के बाद जागा पीडब्ल्यूडी विभाग:शुरू हुई सड़क मरम्मत, ग्रामीण बोले- क्या किसी की जान जाने का इंतजार था?
बीएसएफ जवान की मौत के बाद जागा पीडब्ल्यूडी विभाग:शुरू हुई सड़क मरम्मत, ग्रामीण बोले- क्या किसी की जान जाने का इंतजार था?
पचेरी : बुहाना-पचेरी मार्ग पर शिवसिंहपुरा मोड़ के पास हुए सड़क हादसे में बीएसएफ जवान विनोद कुमार की मौत के बाद आखिरकार पीडब्ल्यूडी विभाग हरकत में आ गया है। हादसे के बाद विभाग ने क्षतिग्रस्त सड़क पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। हालांकि विभाग की इस कार्रवाई ने लोगों के मन में कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर लंबे समय से बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए थे। कई बार शिकायतें करने और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मांग उठाने के बावजूद विभाग ने कोई गंभीर कदम नहीं उठाया। लेकिन एक जवान की जान जाने के बाद अचानक सड़क मरम्मत शुरू कर दी गई।
हादसे के बाद शुरू हुआ मरम्मत कार्य
गौरतलब है कि जयसिंहपुरा निवासी बीएसएफ जवान विनोद कुमार अपने दोनों पुत्रों के साथ बाइक पर बुहाना की ओर जा रहे थे। शिवसिंहपुरा मोड़ के पास उनकी बाइक का संतुलन बिगड़ गया और सामने से आ रही ईको गाड़ी से टक्कर हो गई। हादसे में जवान की मौत हो गई, जबकि उनके दोनों पुत्र घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का दावा है कि सड़क पर बने गहरे गड्ढे के कारण बाइक का संतुलन बिगड़ा था। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक के साथ-साथ सड़क की बदहाली को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली।
ग्रामीण बोले- पहले क्यों नहीं जागा विभाग?
हादसे के बाद ग्रामीणों ने सड़क की खराब स्थिति को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग को जिम्मेदार ठहराया। लोगों का कहना है कि बुहाना-पचेरी मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में है और जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद विभाग ने सड़क की मरम्मत को गंभीरता से नहीं लिया। अब जब एक बीएसएफ जवान की जान चली गई तो विभाग मरम्मत कार्य में जुट गया है। लोगों का सवाल है कि क्या किसी की जान जाने के बाद ही विभाग को सड़क की खराब स्थिति दिखाई देती है?
‘यह स्थायी समाधान नहीं, सिर्फ खानापूर्ति’
वर्तमान में विभाग की ओर से सड़क पर कंकड़, गिट्टी और अन्य निर्माण सामग्री डालकर गड्ढों को भरने का काम किया जा रहा है। हालांकि ग्रामीण इसे स्थायी समाधान मानने को तैयार नहीं हैं।
उनका कहना है कि यह केवल अस्थायी मरम्मत है। बरसात शुरू होते ही या भारी वाहनों की आवाजाही के बाद यह सामग्री फिर उखड़ जाएगी और सड़क दोबारा खतरनाक हो जाएगी। लोगों ने पूरे मार्ग के पुनर्निर्माण और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत की मांग की है।
समय रहते कार्रवाई होती तो बच सकती थी जान
ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभाग नियमित निरीक्षण करता और समय रहते सड़क की मरम्मत करवा देता तो शायद यह हादसा नहीं होता। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाला एक जवान आज अपने परिवार के बीच होता।
लोगों का कहना है कि हर बार किसी बड़े हादसे के बाद ही विभाग सक्रिय होता है, जबकि जिम्मेदारी यह होनी चाहिए कि दुर्घटना होने से पहले ही खतरनाक स्थानों की पहचान कर उन्हें दुरुस्त किया जाए।
भविष्य में न हो ऐसी घटना
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग से मांग की है कि केवल गड्ढे भरने तक सीमित न रहकर सड़क की स्थिति का स्थायी समाधान किया जाए। साथ ही ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे भविष्य में किसी परिवार को सड़क की बदहाली के कारण अपना बेटा, पति या पिता न खोना पड़े।
अब क्षेत्र के लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग की यह सक्रियता केवल कुछ दिनों की औपचारिकता साबित होती है या वास्तव में सड़क को सुरक्षित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाते हैं।
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