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प्रशासकीय असंतुलन से नाराज ‘रेसा’ का प्रदेशव्यापी शंखनाद


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प्रशासकीय असंतुलन से नाराज ‘रेसा’ का प्रदेशव्यापी शंखनाद

19 हजार प्रधानाचार्यों के लिए पदोन्नति के सीमित अवसर, नए पद उन्नयन की मांग

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद (रेसा) चूरू के बैनर तले शिक्षक एवं प्रशासनिक संवर्ग की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर ब्लॉक चूरू इकाई द्वारा मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम 22 सूत्रीय मांग-पत्र उपखंड अधिकारी, चूरू को सौंपा गया। परिषद ने कहा कि शिक्षा विभाग राज्य का सबसे बड़ा विभाग होने के बावजूद इसके प्रशासनिक ढांचे में समयानुकूल सुधार नहीं होने से अधिकारियों एवं विद्यालयों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश का संपूर्ण शिक्षा सेवा संवर्ग आंदोलन के लिए विवश होगा। रेसा की प्रमुख मांगों में प्रधानाचार्यों के लिए पदोन्नति के सीमित अवसरों को देखते हुए नए पदों का सृजन एवं उन्नयन, विभागीय प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ करना, वेतन विसंगतियों का समाधान, पीईईओ भत्ते में सुधार, अकादमिक पदों में वृद्धि, गैर-शैक्षणिक एवं तकनीकी कार्यों से मुक्ति, ब्लॉक स्तर पर डीईओ पदों का सृजन, तिथि अंकन एवं रिव्यू डीपीसी, बिना जांच प्राचार्यों पर कार्रवाई पर रोक, सर्किट हाउस नियम का विरोध तथा ऑनलाइन कार्यों एवं कार्यक्रमों के लिए सत्रारंभ में ही आवश्यक संसाधन एवं बजट उपलब्ध कराने जैसी मांगें शामिल हैं।

ज्ञापन सौंपने वालों में शिवराज सिंह (जिलाध्यक्ष, रेसा चूरू), सुनील कुमार शर्मा (ब्लॉक अध्यक्ष, रेसा चूरू), हरिप्रसाद शर्मा (एपीसी, समसा चूरू), संजीव धेतरवाल (मीडिया प्रभारी), सीताराम जाखड़, धर्मेंद्र मूंड, मुकेश कंवर, मदनलाल कड़वासरा (कोषाध्यक्ष, रेसा), सरोज सैनी एवं विक्रम स्वामी सहित अनेक प्रधानाचार्य एवं शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।

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