फतेहपुर में ज्यूस सेंटर पर बाल मजदूर मिले:2 नाबालिग लड़कों से 13-14 घंटे करवाते थे काम; कस्तूरबा सेवा संस्थान में दाखिल करवाया
फतेहपुर में ज्यूस सेंटर पर बाल मजदूर मिले:2 नाबालिग लड़कों से 13-14 घंटे करवाते थे काम; कस्तूरबा सेवा संस्थान में दाखिल करवाया
सीकर : पुलिस मुख्यालय राजस्थान की ओर से चलाए जा रहे ‘उमंग-7 अभियान’ के तहत सीकर के फतेहपुर कस्बे में बालश्रम के तहत कार्रवाई की गई। बालश्रम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक ज्यूस सेंटर पर कार्रवाई की गई। यहां दो नाबालिगों को मुक्त करवाया गया। अब संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है। वहीं दोनों नाबालिग लड़कों को सीकर के कस्तूरबा सेवा संस्थान में दाखिल करवाया गया है।
फील्ड को-ऑर्डिनेटर अभिषेक बगड़िया ने बताया- ह्यूमन इंटेलिजेंस के जरिए इनपुट मिला था कि सीकर के फतेहपुर कस्बे में श्री लक्ष्मीनाथ ज्यूस सेंटर पर दो नाबालिग लड़कों से काम करवाया जा रहा है। इस दौरान वहां पर 16-16 साल के दो नाबालिग लड़के काम करते हुए मिले। दोनों से जब जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उनसे यहां पर रोजाना 13 से 14 घंटे काम करवाया जाता था। बदले में उन्हें इतने ही पैसे दिए जाते जिससे कि वह दो टाइम का खाना खा सके। ऐसे में दोनों को बालश्रम से मुक्त करवाकर कस्तूरबा सेवा संस्थान में दाखिल करवाया।
2-3 महीनों से करा रहे थे काम
फील्ड को-ऑर्डिनेटर अभिषेक बगड़िया ने बताया- पुलिस मुख्यालय राजस्थान के ‘उमंग 7’ अभियान के तहत टीम का गठन करके ज्यूस सेंटर पर रेड की गई। अब तक की जांच के दौरान सामने आया कि करीब दो-तीन महीनों से नाबालिग लड़कों से यहां काम करवाया जा रहा था। फिलहाल ज्यूस केंद्र के मालिक सुरेश कुमार के खिलाफ जेजे एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है।
इस कार्रवाई में फतेहपुर कोतवाली पुलिस थाने के ASI सलीम, कॉन्स्टेबल रामनिवास, नरेश कुमार सैनी, राकेश कुमार शामिल रहे। इस कार्रवाई में सीकर पुलिस, जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन अलायंस, चाइल्डलाइन, गायत्री सेवा संस्थान की जॉइंट टीम शामिल रही।
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