[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा हटाने पर भड़के RLP कार्यकर्ता, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
गुढ़ागौड़जीझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा हटाने पर भड़के RLP कार्यकर्ता, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

गुढ़ागौड़जी में आक्रोश, कार्यकर्ताओं ने दी चेतावनी, सुरक्षा बहाल नहीं हुई तो प्रदेशभर में होगा बड़ा आंदोलन

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : कैलाश बबेरवाल

गुढ़ागौड़जी : गुढ़ागोड़जी मेंराष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा हटाए जाने के विरोध में सोमवार को आरएलपी कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के इस फैसले के खिलाफ कड़ा विरोध जताते हुए राज्यपाल के नाम गुढ़ागौड़जी तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और सांसद की सुरक्षा तत्काल प्रभाव से बहाल करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने से पूर्व गुढ़ागौड़जी के चौधरी मार्केट में आरएलपी कार्यकर्ताओं की एक अहम बैठक आयोजित की गई।

बैठक में सरकार के इस निर्णय की तीखी आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताया गया। आरएलपी कार्यकर्ता सुनील खेदड़ ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सांसद हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा हटाना पूरी तरह से अनुचित है। सरकार को बिना किसी देरी के उनकी सुरक्षा वापस लौटानी चाहिए। यदि हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो पार्टी कार्यकर्ता बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

बैठक के दौरान मंदीप डांगी ने प्रदेश सरकार को विभिन्न मोर्चों पर विफल बताते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भैराना धाम प्रकरण में संतों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ जब हनुमान बेनीवाल ने मजबूती से आवाज उठाई, तो सरकार ने राजनीतिक दुर्भावना के तहत उनकी सुरक्षा हटा दी। डांगी ने चेतावनी दी कि यदि सुरक्षा व्यवस्था शीघ्र बहाल नहीं की गई तो क्षेत्र का युवा सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेगा। तहसीलदार को सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि सांसद हनुमान बेनीवाल हमेशा से किसानों, युवाओं और आम जनता के मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक उठाते रहे हैं।

ऐसे में उनकी सुरक्षा हटाना केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं है, बल्कि यह उनकी जनहित की आवाज को दबाने का प्रयास है। आरएलपी नेताओं ने साफ किया कि अगर जनप्रतिनिधि की सुरक्षा बहाल नहीं की गई, तो पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन व ज्ञापन सौंपने के दौरान महिपाल खेदड़, दिनेश डूडी, विक्रम रेपस्वाल, मंदीप बराला, अशोक खेदड़, मनोज चारावास, अनिल कटारिया, विपिन, मुकेश, देशराज, राजेश, अरविंद, आत्माराम, नितेश, विजय, प्रमोद, उमेश, पवन सहित बड़ी संख्या में आरएलपी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Related Articles