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आचार्य महाश्रमण ने दिया संयम और जागरूकता का संदेश, तेरापंथ किशोर मंडल का राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न


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आचार्य महाश्रमण ने दिया संयम और जागरूकता का संदेश, तेरापंथ किशोर मंडल का राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न

आचार्य महाश्रमण ने दिया संयम और जागरूकता का संदेश, तेरापंथ किशोर मंडल का राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न

लाडनूं : जैन विश्व भारती में विराजमान युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण के सान्निध्य में आयोजित तेरापंथ किशोर मंडल का त्रिदिवसीय 21वां राष्ट्रीय अधिवेशन संपन्न हुआ। इस दौरान देशभर से आए किशोरों ने गीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विचारों के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।

प्रातःकालीन प्रवचन में आचार्यश्री महाश्रमण ने ‘ज्यादा तेज न चलें’ विषय पर कहा कि साधु को सामान्यतः धीमी और संयमित गति से चलना चाहिए। उन्होंने बताया कि तेज गति से चलना ईर्या समिति की दृष्टि से उचित नहीं माना गया है तथा इससे जीव हिंसा की संभावना बढ़ सकती है। साधु की गति मंद और सजग होनी चाहिए, जिससे संयम और जागरूकता की बेहतर पालना हो सके।

अधिवेशन के मंचीय कार्यक्रम में अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन मांडोत, महामंत्री सौरभ पटावरी और राष्ट्रीय प्रभारी मयंक धाकड़ ने विचार रखे। किशोरों ने गीत एवं विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

आचार्यश्री ने कहा कि किशोरों में संस्कार, ज्ञान और चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं और किशोरों को तेरापंथ दर्शन एवं आचार्य भिक्षु के आदर्शों से जुड़कर अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान मुनि नमिकुमारजी ने 42 की तपस्या का प्रत्याख्यान लिया, जिस पर आचार्यश्री ने उन्हें मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।

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