लक्ष्मणगढ़ के न्यामा मंदिर में चादरपोशी को लेकर विवाद:एक पक्ष ने लक्ष्मीकांत दास उत्तराधिकारी माना, बड़े मंदिर में चादरपोशी की रस्म पूरी की
लक्ष्मणगढ़ के न्यामा मंदिर में चादरपोशी को लेकर विवाद:एक पक्ष ने लक्ष्मीकांत दास उत्तराधिकारी माना, बड़े मंदिर में चादरपोशी की रस्म पूरी की
लक्ष्मणगढ़ : लक्ष्मणगढ़ कस्बे के न्यामा बाजार स्थित प्राचीन श्री न्यामा मंदिर में शनिवार को प्रस्तावित चादरपोशी कार्यक्रम उत्तराधिकार विवाद के चलते दिनभर विवादों में घिरा रहा। दिवंगत महंत महावीर दास महाराज के उत्तराधिकारी को लेकर दो पक्षों के बीच सहमति नहीं बनने से निर्धारित समय पर चादरपोशी की रस्म नहीं हो सकी। प्रशासन और नगर के प्रबुद्ध नागरिकों ने दोनों पक्षों के बीच समझौते के प्रयास किए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया।
बड़ा मंदिर में संपन्न हुई चादरपोशी की रस्म
देर शाम मामले में नया घटनाक्रम सामने आया, जब नगर के रघुनाथजी बड़ा मंदिर में एक पक्ष द्वारा लक्ष्मीकांत दास को महंत महावीर दास महाराज का उत्तराधिकारी मानते हुए चादरपोशी की रस्म संपन्न कर दी गई।
बड़ा मंदिर के महंत अशोक दास महाराज के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं कस्बेवासियों की मौजूदगी में लक्ष्मीकांत दास को चादर ओढ़ाकर उत्तराधिकारी घोषित किया गया।

चादरपोशी के बाद लक्ष्मीकांत दास के समर्थक गाजे-बाजे और जयकारों के साथ जुलूस के रूप में उन्हें बड़ा मंदिर से न्यामा मंदिर लेकर पहुंचे। संवेदनशील स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने जुलूस को कुछ समय के लिए मंदिर के मुख्य द्वार पर रोक दिया।
हालात सामान्य होने पर प्रशासन की निगरानी में लक्ष्मीकांत दास और उनके परिजनों को मंदिर परिसर में प्रवेश कराया गया। इस दौरान परिवार की महिलाओं ने उनका आरती उतारकर स्वागत किया।
मंदिर परिसर में फिर बढ़ा विरोध
लक्ष्मीकांत दास के मंदिर परिसर में पहुंचते ही दूसरे पक्ष ने विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया, जिससे एक बार फिर तनावपूर्ण माहौल बन गया। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन ने लक्ष्मीकांत दास को अपनी निगरानी में लेकर मंदिर परिसर स्थित महंत निवास में पहुंचाया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देर रात एएसपी डॉ. तेज प्रताप भी पुलिस दल के साथ मंदिर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। दोनों पक्षों के मंदिर परिसर में मौजूद रहने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सख्त कर दी।
रातभर तैनात रहा पुलिस बल
संभावित विवाद और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में रातभर भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा। प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19





Total views : 2174815


