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टीईटी निर्णय के बाद शिक्षकों की सेवा सुरक्षा पर चिंता, महासंघ ने केंद्र से मांगी राहत


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टीईटी निर्णय के बाद शिक्षकों की सेवा सुरक्षा पर चिंता, महासंघ ने केंद्र से मांगी राहत

टीईटी निर्णय के बाद शिक्षकों की सेवा सुरक्षा पर चिंता, महासंघ ने केंद्र से मांगी राहत

सीकर : अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) समीक्षा याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद उत्पन्न परिस्थितियों को लेकर केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। महासंघ ने कहा कि वह न्यायालय के निर्णय का पूर्ण सम्मान करता है, लेकिन इसके प्रभाव से बड़ी संख्या में शिक्षकों के भविष्य और सेवा सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।

महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता एवं महासचिव प्रो. गीता भट्ट द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रभावित शिक्षकों की नियुक्तियां तत्कालीन नियमों, अधिसूचनाओं और सक्षम प्राधिकारियों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप हुई थीं। ये शिक्षक वर्षों से विद्यालयों में सेवाएं देते हुए विद्यार्थियों के शैक्षिक विकास और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

महासंघ ने कहा कि वर्तमान स्थिति से न केवल शिक्षकों का भविष्य प्रभावित होगा, बल्कि विद्यालयों की कार्यप्रणाली और शैक्षणिक वातावरण पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। ऐसे में सरकार को मानवीय, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि पूर्व में समान परिस्थितियों में कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए विधायी उपाय अपनाए जाते रहे हैं। महासंघ ने केंद्र सरकार से आगामी संसद के मानसून सत्र में आवश्यक विधायी संशोधन अथवा अन्य उपयुक्त प्रावधानों के माध्यम से प्रभावित शिक्षकों को राहत प्रदान करने की मांग की है।

इन्होंने कहा 

“वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को अनिश्चितता की स्थिति में छोड़ना न्यायोचित नहीं होगा। शिक्षकों ने नियमों के अनुरूप नियुक्तियां प्राप्त कर ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। सरकार को उनकी सेवाओं, अनुभव और शिक्षा व्यवस्था में योगदान को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए, ताकि लाखों परिवारों की आजीविका सुरक्षित रहे और शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता बनी रहे।” – संपत सिंह – पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश संघर्ष समिति के संयोजक 

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