ठाणी के जोहड़े से गूंजा जल संरक्षण का संदेश : जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का लिया संकल्प
‘वंदे गंगा: जल संरक्षण जन अभियान’ का भव्य शुभारंभ, राजेंद्र राठौड़ सहित जनप्रतिनिधियों ने किया जल पूजन
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान
चूरू : जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक सेठाणी के जोहड़े में सोमवार को ‘वंदे गंगा: जल संरक्षण जन अभियान’ का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, ग्रामीण विकास शासन सचिव एवं जिला प्रभारी सचिव कृष्ण कुणाल, जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा, पूर्व जिला उप प्रमुख महेंद्र न्यौल, बसंत शर्मा, सीईओ श्वेता कोचर सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं आमजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत जल पूजन, पीपल पूजन और दीपदान के साथ हुई। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में कलश यात्रा निकालकर जल संरक्षण का संदेश दिया। पूरे आयोजन में पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों के संवर्धन का संदेश प्रमुखता से दिया गया।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल का विशेष महत्व रहा है और गंगा दशमी का दिन भी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राजस्थान जैसे मरुस्थलीय प्रदेश में पानी केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन और संस्कृति का आधार है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। जल जीवन मिशन सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से हर घर तक पानी पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि “पानी का निर्माण संभव नहीं है, इसलिए इसकी प्रत्येक बूंद बचाना समाज की जिम्मेदारी है।”
राठौड़ ने करीब 125 वर्ष पुराने सेठाणी के जोहड़े को ऐतिहासिक धरोहर बताते हुए इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने “कर्मभूमि से मातृभूमि” अभियान के तहत जल स्रोतों के पुनरुद्धार और उन्हें रमणीय स्थलों के रूप में विकसित करने की बात कही।
ग्रामीण विकास शासन सचिव एवं जिला प्रभारी सचिव कृष्ण कुणाल ने कहा कि मरुस्थलीय क्षेत्र होने के कारण चूरू जिले में जल संरक्षण और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने सभी विभागों एवं आमजन से अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि वर्षा जल संचयन, जोहड़ों एवं पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और फसल विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर एसडीएम धीरज झाझड़िया, एसीईओ भागचंद खारिया, नगर परिषद आयुक्त अभिलाषा सिंह, पद्मसिंह राठौड़, विक्रम कोटवाद, सीताराम लुगरिया, दीनदयाल सैनी, नरेंद्र कंवल, नरेंद्र काछवाल, सुशील लाटा, सत्तार खान, नीरज जांगिड़, धर्मेंद्र राकसिया, श्रीराम पीपलवा, आकाश सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रवि दाधीच ने किया।
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