[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

झुंझुनूं रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट और नया फुटओवर ब्रिज अधूरा:फैक्ट्री में बन रहे लिफ्ट केबिन और बीम, अगस्त 2026 तक काम पूरा करने लक्ष्य


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
टॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

झुंझुनूं रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट और नया फुटओवर ब्रिज अधूरा:फैक्ट्री में बन रहे लिफ्ट केबिन और बीम, अगस्त 2026 तक काम पूरा करने लक्ष्य

झुंझुनूं रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट और नया फुटओवर ब्रिज अधूरा:फैक्ट्री में बन रहे लिफ्ट केबिन और बीम, अगस्त 2026 तक काम पूरा करने लक्ष्य

झुंझुनूं : झुंझुनूं रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत यात्री सुविधाओं के विस्तार का काम धीमी गति से चल रहा है। स्टेशन पर 12 मीटर चौड़े नए फुटओवर ब्रिज का बेसिक ढांचा तैयार हो चुका है, लेकिन लिफ्ट और पुल के ऊपरी हिस्से का काम महीनों से आगे नहीं बढ़ा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार लिफ्ट के केबिन और लोहे के बीम फैक्ट्री में तैयार किए जा रहे हैं। फिलहाल यात्रियों को पुराने सीढ़ियों वाले पुल का उपयोग करना पड़ रहा है और कई लोग पटरियां पार करने को मजबूर हैं।

झुंझुनू रेलवे स्टेशन पर खड़ा फ्लाइओवर का ढांचा।
झुंझुनू रेलवे स्टेशन पर खड़ा फ्लाइओवर का ढांचा।

फुटओवर ब्रिज का ढांचा तैयार, आगे का काम रुका

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत झुंझुनूं रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है। स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए 12 मीटर चौड़ा नया फुटओवर ब्रिज बनाया जा रहा है। इसके पिलर और बेसिक स्ट्रक्चर खड़े कर दिए गए हैं, लेकिन पुल के ऊपरी हिस्से का निर्माण अब तक पूरा नहीं हुआ है।

यात्रियों को हो रही परेशानी

निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण यात्रियों को अभी पुराने सीढ़ियों वाले पुल का ही इस्तेमाल करना पड़ रहा है। भारी सामान लेकर आने वाले यात्रियों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को इससे सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। कई यात्री जल्दबाजी में पटरियां पार करते भी नजर आते हैं।

झुंझुनू रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते यात्री।
झुंझुनू रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते यात्री।

दो लिफ्ट लगाने की योजना

रेलवे की योजना के अनुसार स्टेशन पर दो आधुनिक लिफ्ट लगाई जानी हैं। इससे बुजुर्ग यात्रियों को सीढ़ियां चढ़ने की परेशानी से राहत मिलेगी। दिव्यांग यात्रियों के लिए भी प्लेटफॉर्म बदलना आसान हो सकेगा। साथ ही भारी सामान लेकर आने-जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी।

रेलवे ने बताई देरी की वजह

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि काम पूरी तरह बंद नहीं है। अधिकारियों के अनुसार लिफ्ट के केबिन और मुख्य लोहे के बीम स्टेशन परिसर के बजाय फैक्ट्री में तैयार किए जा रहे हैं। इन हिस्सों के तैयार होकर आने के बाद स्टेशन पर सीधे असेंबल किया जाएगा। इसी कारण फिलहाल स्टेशन पर ज्यादा निर्माण गतिविधियां नजर नहीं आ रही हैं।

अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य

रेलवे ने इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 31 अगस्त 2026 की डेडलाइन तय की है। हालांकि मौजूदा गति को देखते हुए तय समय में काम पूरा होना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

Related Articles