मलबे के ढेर से बन रहा अस्पताल! मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़
ग्रामीण बोले उच्चस्तरीय जांच हो, नहीं तो करेंगे आंदोलन
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : डॉ अनिल शर्मा
शिमला : ग्राम शिमला में बन रहा राजकीय अनारदेवी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। करीब 8.32 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह भवन अब “सुरक्षा का प्रतीक” नहीं, बल्कि “खतरे का अड्डा” बनता नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नए भवन के निर्माण में पुराने तोड़े गए भवन का मलबा ही इस्तेमाल किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि नींव तक में इसी मलबे को भर दिया गया है, जिससे पूरे निर्माण की मजबूती पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। मलबे के पत्थरों से ही दीवारें और नींव भरी जा रही हैं। निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कोई जांच नहीं हो रही।

अब बड़ा सवाल यह है कि जिस भवन की नींव ही मलबे पर टिकी हो, वहां मरीजों की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा।
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की कई बार शिकायत अधिकारियों से की, लेकिन आरोप है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि इस निर्माण कार्य में अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से बड़ा खेल चल रहा है, जिसके चलते नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। मामले को लेकर अब ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है
यदि जल्द ही इस घटिया निर्माण पर रोक नहीं लगी और निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ निर्माण का मामला नहीं, बल्कि आने वाले समय में हजारों मरीजों की जिंदगी का सवाल है, जिसके साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है। या फिर यूं ही मलबे के ढेर पर खड़ा होता रहेगा “स्वास्थ्य का भवन”।
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19




Total views : 2141361


