डोटासरा बोले- रिफाइनरी में आग की जांच होनी चाहिए:रिफाइनरी पहले से लेट थी, अब 6 से 12 महीने और देरी हो जाएगी
डोटासरा बोले- रिफाइनरी में आग की जांच होनी चाहिए:रिफाइनरी पहले से लेट थी, अब 6 से 12 महीने और देरी हो जाएगी
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : नैना शेखावत
सीकर : गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि जब देश का प्रधानमंत्री रो रहा था, तब हमें शर्मिंदगी महसूस हो रही थी। ईरान-इजरायल विवाद के समय भी प्रधानमंत्री नहीं रोए थे, लेकिन आज हमारे प्रधानमंत्री आंसू बहा रहे थे।
डोटासरा मंगलवार को सीकर के सांगलिया में कोजाराम सेवदा द्वारा अपने माता-पिता की स्मृति में भूमिदान देकर बनवाए गए पशु चिकित्सा उपकेंद्र के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए।
महिला आरक्षण बिल पर तीखा प्रहार
डोटासरा ने कहा कि महिला आरक्षण बिल तो 2022-23 में सितंबर माह में लोकसभा और राज्यसभा में पास हो चुका था। गजट नोटिफिकेशन के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई थी, लेकिन तीन साल तक नोटिफिकेशन नहीं किया गया। आखिरकार 15 अप्रैल 2026 को गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार ने बिल पास करवाते समय शर्त रखी थी कि पहले 2026 की जनगणना होगी, फिर परिसीमन होगा और 2029 से कानून लागू होगा। लेकिन अब 2026 से पहले जनगणना करवाने की हिम्मत नहीं हुई।
“अगर चाहें तो अभी जनगणना करवा लें और 2029 में महिला आरक्षण लागू कर दें। डीलिमिटेशन के लिए दो-तिहाई बहुमत से संवैधानिक संशोधन की जरूरत है। वे यही संशोधन करवाकर सारे अधिकार अपने पास लेना चाहते थे, ताकि केवल बहुमत के बूते मनमाने ढंग से परिसीमन कर पूरे देश का भूगोल बदल सकें और भाजपा को हमेशा के लिए केंद्र में बनाए रख सकें। लेकिन अब उनका यह षड्यंत्र फेल हो गया है, इसलिए नौटंकी कर रहे हैं। जनता सब जानती है।”
डोटासरा ने कहा, “हमें शर्म आ रही थी कि हमारा प्रधानमंत्री रो रहा है। ईरान-इजरायल में भी ऐसा नहीं हुआ। प्रधानमंत्री कह रहे थे कि महिलाएं इनको माफ करेंगी। आप बताएं क्यों नहीं करेंगी जबकि हमने तो 2010 में ही राज्यसभा में बिल पारित करवा दिया था। महिला और ओबीसी आरक्षण कांग्रेस ने पंचायतीराज और निकाय में दे दिया।
अब जब इनकी बारी आई और हमने समर्थन दे दिया और महिला आरक्षण पास हो गया तो उसके बाद लागू करना तो इनका काम है,विपक्ष का काम थोड़ी है। यह तो अपनी मनमर्जी का खेल करना चाह रहे थे। अब जनगणना करवाकर 2029 में महिला आरक्षण के कानून को लागू करवाना चाहिए।

पचपदरा रिफाइनरी हादसे पर सवाल
पचपदरा रिफाइनरी में हुए भीषण आग के हादसे पर डोटासरा ने कहा कि इसकी गंभीर और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। “प्रधानमंत्री के आने से 24 घंटे पहले इतनी भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद इतना बड़ा हादसा कैसे हो गया? करोड़ों रुपये खर्च कर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था, फिर अचानक आग कैसे लग गई? इसमें कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर लगती है। प्रधानमंत्री को खुद इसकी जांच करवानी चाहिए कि उनके लिए क्या-क्या व्यवस्था की गई थी।”
उन्होंने कहा, “भाजपा वाले कह रहे हैं कि ईश्वर को मंजूर नहीं था। लेकिन 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। रिफाइनरी पहले से लेट थी, अब 6 से 12 महीने और देरी हो जाएगी। उद्घाटन इनके करकमलों से होगा या नहीं, यह अब सवाल बन गया है।”

दीया कुमारी और भजनलाल शर्मा पर पलटवार
आरक्षण बिल पर डिप्टी सीएम दिया कुमारी के बयान पर पलटवार करते हुए डोटासरा ने कहा कि उन्हें पता होना चाहिए कि 2023 में जो बिल सर्वसम्मति से पारित हुआ था वह आज भी लागू है।

उन्होंने कहा, “जनगणना 2021 में होनी थी, तब भी नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री थे। 2023 में कानून बना तब भी मोदी थे और आज भी मोदी हैं। मार्च 2027 तक जनगणना हो जाएगी, फिर 2029 में मई-जून में लोकसभा चुनाव हैं। तो यह कर देंगे कहां दिक्कत आ रही है।’
सीएम के बाड़मेर न जाने पर तंज
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सोमवार को बाड़मेर न जाने के सवाल पर डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा कि मैं तो खुद जा रहा हूं। सीएम फेल हो गए हैं। कल 10 हजार करोड़ का नुकसान हो गया, रोज आग लग रही है, अपराध बढ़ रहे हैं। जनता दिन-ब-दिन परेशान हो रही है। अगर सरकार पंचायत और निकाय चुनाव करवा देगी तो इनका असली चेहरा सामने आ जाएगा।
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