नोबल प्रतिभा सम्मान यात्रा मेघपुर-पांथरोली व भालोठ पहुंची, चौपालों पर गूंजा शिक्षा का संदेश
मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, संदीप नेहरा बोले-शिक्षा में निवेश ही भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी
बुहाना : ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से निकाली जा रही नोबल प्रतिभा सम्मान यात्रा के दूसरे दिन सोमवार को यह यात्रा मेघपुर-पांथरोली गांव पहुंची। नोबल एजुकेशन ग्रुप के निदेशक इंजीनियर संदीप नेहरा के नेतृत्व में रथ गांव की चौपाल पर पहुंचा, जहां प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। ग्रामीणों और अभिभावकों ने यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया।
चौपाल पर आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कार और सकारात्मक सोच पर सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर संदीप नेहरा ने कहा कि जैसे हम घर या विवाह जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान रखते हैं, वैसे ही बच्चों की शिक्षा के लिए भी श्रेष्ठ संस्थान और अनुभवी शिक्षकों का चयन जरूरी है। उन्होंने प्रेरित करते हुए कहा कि संसाधनों की कमी के बावजूद बच्चों के हाथों में किताब जरूर होनी चाहिए, क्योंकि शिक्षा में किया गया निवेश कई गुना फल देता है और समाज की दिशा बदलने की क्षमता रखता है।
संध्या समय यात्रा भालोठ गांव के बस स्टैंड पहुंची, जहां भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यात्रा के प्रभारी संजीव लाम्बा, हनुमान प्रसाद, सोनू चौधरी और सतीश लांबा के मार्गदर्शन में काकड़ा के पूर्व सरपंच गोखन सिंह और सोहली के पूर्व सरपंच ओमप्रकाश बोहरा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया।

कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कुशलपुरा के प्रशांत कुमार को 98.50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर स्कूटी प्रदान की गई, जबकि चुडीना गांव की अनु को 95.20 प्रतिशत अंक पर साइकिल भेंट की गई। काकड़ा के धर्मेश (95.67%) और प्राना गांव की अनु कुमारी (93.83%) को भी साइकिल देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को ‘नोबल वॉच’ देकर प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षक विक्रम सिंह यादव सहड़ ने किया। इस अवसर पर संस्थान की संरक्षक संतोष नेहरा, नोबल साइंस एकेडमी पचेरी के निदेशक मानसिंह चौधरी, एकेडमिक डायरेक्टर सुमन नेहरा और मैनेजिंग डायरेक्टर शिवम नेहरा सहित कई शिक्षाविद उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता एडवोकेट हरेश पंवार ने इस शिक्षा जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने और उन्हें श्रेष्ठ नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इस आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक और विद्यार्थी मौजूद रहे। नोबल प्रतिभा सम्मान यात्रा के माध्यम से क्षेत्र में शिक्षा के प्रति नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार हो रहा है।
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