[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

डीएमएफटी फंड का 70% बजट बुनियादी सुविधाओं पर होगा खर्च:जिला परिषद सीईओ बोले- जरूरतमंद तक पहुंचाएंगे लाभ; झुंझुनूं कलेक्ट्रेट में हुई बैठक


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

डीएमएफटी फंड का 70% बजट बुनियादी सुविधाओं पर होगा खर्च:जिला परिषद सीईओ बोले- जरूरतमंद तक पहुंचाएंगे लाभ; झुंझुनूं कलेक्ट्रेट में हुई बैठक

डीएमएफटी फंड का 70% बजट बुनियादी सुविधाओं पर होगा खर्च:जिला परिषद सीईओ बोले- जरूरतमंद तक पहुंचाएंगे लाभ; झुंझुनूं कलेक्ट्रेट में हुई बैठक

झुंझुनूं : झुंझुनूं जिले में खनन प्रभावित क्षेत्रों के कायाकल्प और विकास कार्यों को गति देने के लिए सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) की बैठक हुई। जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने अध्यक्षता की। इस मौके पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की।

बैठक में सदस्य सचिव एवं जिला परिषद के सीईओ कैलाश यादव ने केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2025 में जारी की गई नई गाइडलाइन के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अब डीएमएफटी फंड का उपयोग अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जाएगा। कुल बजट का 70 फीसदी हिस्सा अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण और कौशल प्रशिक्षण जैसे बुनियादी क्षेत्रों पर खर्च होगा। जबकि शेष 30 फीसदी राशि अन्य विकास कार्यों और बुनियादी ढांचों पर खर्च की जा सकेगी।

नई गाइडलाइन के तहत अब खनन प्रभावित क्षेत्र की अधिकतम परिधि 15 से 25 किलोमीटर मानी जाएगी, जिससे वास्तविक प्रभावित गांवों को सीधा लाभ मिल सकेगा।

अफसरों से 15 अप्रैल तक मांगे प्रस्ताव

जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने बैठक में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नई गाइडलाइन के प्रावधानों के अनुरूप अपने-अपने प्रस्ताव तैयार करें। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग आगामी 15 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से अपने प्रस्ताव भिजवाना सुनिश्चित करें। समय पर प्रस्ताव प्राप्त होने से उन्हें शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जा सकेगी और विकास कार्य धरातल पर शुरू हो पाएंगे।

बैठक में जिले के विकास के रोडमैप पर चर्चा करने के लिए बृजेन्द्र ओला, सांसद (झुंझुनूं), राजेंद्र भांबू, विधायक (झुंझुनूं), धर्मपाल गुर्जर, विधायक (खेतड़ी), श्रवण कुमार, विधायक (सूरजगढ़), रीटा चौधरी, विधायक (मंडावा), भगवानाराम सैनी, विधायक (उदयपुरवाटी) और पितराम सिंह काला, विधायक (पिलानी) मौजूद रहे।

खनन से प्रभावित लोगों को लाभ देने के निर्देश

बैठक में सुनिश्चित किया कि योजनाओं के चयन में पूरी तरह से पारदर्शिता बरती जाएगी। अधिकारियों ने साझा किया कि फंड का आवंटन करते समय क्षेत्रीय आवश्यकताओं का गहन विश्लेषण किया जाएगा, जिससे डीएमएफटी फंड का अधिकतम लाभ उन वास्तविक जरूरतमंद क्षेत्रों और परिवारों तक पहुंच सके, जो खनन गतिविधियों से सीधे प्रभावित हैं।

Related Articles