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निराधनूं में बेटी बनी ‘दूल्हा’, घोड़ी पर निकली शाही बिंदोरी; परंपरा बदलने का संदेश


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निराधनूं में बेटी बनी ‘दूल्हा’, घोड़ी पर निकली शाही बिंदोरी; परंपरा बदलने का संदेश

निराधनूं में बेटी बनी ‘दूल्हा’, घोड़ी पर निकली शाही बिंदोरी; परंपरा बदलने का संदेश

निराधनूं : निराधनूं वार्ड-9 में मंगलवार को ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत एक अनूठी पहल देखने को मिली, जहां बेटी को दूल्हे की तरह घोड़ी पर बैठाकर पूरे गांव में शाही बिंदोरी निकाली गई। इस पहल ने समाज में समानता का मजबूत संदेश दिया। एमए उत्तीर्ण पूजा दादरवाल के परिवार ने परंपराओं को तोड़ते हुए उन्हें घोड़ी पर सवार कर गांव में घुमाया। इस दौरान डीजे की धुन पर महिलाएं रंग-बिरंगे परिधानों में नाचती नजर आईं और पूरे माहौल में उत्साह और खुशी का माहौल बना रहा।

इस पहल के पीछे रिटायर्ड सूबेदार प्रमोद दादरवाल एवं हनुमान प्रसाद का उद्देश्य समाज की संकीर्ण सोच को बदलना और बेटियों को बराबरी का हक दिलाना है। पंच इकबाल खोखर ने बताया कि आमतौर पर गांवों में शादी की रस्मों में केवल दूल्हा ही घोड़ी पर सवार होता है, लेकिन इस आयोजन के जरिए दादरवाल समाज ने नई परंपरा की शुरुआत की है। पूजा दादरवाल ने घोड़ी पर सवार होकर पूरे गांव का भ्रमण किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए। इस पहल की सभी ने सराहना की।

पिता-बेटी हुए भावुक

बेटी की बिंदोरी देखकर पिता रिटायर्ड सूबेदार प्रमोद दादरवाल भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि समय के साथ पुरानी परंपराओं को बदलना जरूरी है। वहीं पूजा ने कहा कि आज उन्हें महसूस हो रहा है कि समाज बदल रहा है और बेटियों को बराबरी का दर्जा मिल रहा है। कार्यक्रम में परिवारजन, रिश्तेदारों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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