अब बालवाटिका के बच्चों को भी मिलेगा ECCE सर्टिफिकेट:46 महात्मा गांधी स्कूलों की बालवाटिकाओं के लिए बजट स्वीकृत
अब बालवाटिका के बच्चों को भी मिलेगा ECCE सर्टिफिकेट:46 महात्मा गांधी स्कूलों की बालवाटिकाओं के लिए बजट स्वीकृत
झुंझुनूं : झुंझुनूं जिले के सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पढ़ रहे नन्हे मुन्नों के लिए अच्छी खबर है। कार्यालय अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (समग्र शिक्षा), झुंझुनूं ने जिले की 46 महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की बालवाटिकाओं के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। यह बजट मुख्य रूप से बच्चों के सर्वांगीण विकास का विवरण देने वाले ‘होल्स्टिक रिपोर्ट कार्ड’ और ‘ECCE कंप्लीशन सर्टिफिकेट’ (ECCE Completion Certificate) तैयार करने के लिए दिया गया है।
प्रति छात्र 50 रुपये की दर से मिला बजट
समग्र शिक्षा अभियान के तहत ‘फाउंडेशन लिटरेसी एंड न्यूमरेसी’ (FL&N) कार्यक्रम के अंतर्गत यह राशि आवंटित की गई है। विभाग द्वारा प्रति छात्र 50 रुपये की दर तय की गई है, जिससे प्रति बालवाटिका अधिकतम 1500 रुपये का बजट मिलेगा। इस राशि का उपयोग सत्र के अंत में बच्चों को उनकी प्रगति का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड और प्री-प्राइमरी शिक्षा पूरी करने का प्रमाण पत्र देने में किया जाएगा।
किस ब्लॉक को कितना मिला बजट
जिले के 10 ब्लॉकों में संचालित इन 46 बालवाटिकाओं के लिए कुल 69,000 रुपये का प्रावधान किया गया है।
यह पूरा भुगतान ‘सिंगल नोडल अकाउंट’ (SNA) के माध्यम से सीधे संबंधित खातों में ट्रांसफर किया गया है। इसकी जिम्मेदारी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों और संबंधित कार्यालयों को सौंपी गई है ताकि समय पर बजट का सदुपयोग किया जा सकें।
नवलगढ़: 10 बालवाटिकाओं के लिए सबसे अधिक 15,000 रुपये।
खेतड़ी: 09 बालवाटिकाओं के लिए 13,500 रुपये।
उदयपुरवाटी: 08 बालवाटिकाओं के लिए 12,000 रुपये।
झुंझुनूं: 04 बालवाटिकाओं के लिए 6,000 रुपये।
बुहाना, चिड़ावा, सिंघाना और सूरजगढ़: इन चार ब्लॉकों में प्रत्येक की 3 बालवाटिकाओं के हिसाब से कुल 18,000 रुपये आवंटित किए गए हैं।
अलसीसर: 02 बालवाटिकाओं के लिए 3,000 रुपये।
मंडावा: 01 बालवाटिका के लिए 1,500 रुपये।
पारदर्शी भुगतान प्रक्रिया
प्राथमिक शिक्षा की नींव होगी मजबूत
खेमराज मीणा, स्टेट चेयरमैन, प्राथमिक अध्यापक संघ (लेवल-प्रथम) ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा की नींव को मजबूत करने की दिशा में यह एक सराहनीय कदम है। बालवाटिकाओं में छोटे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए ‘होल्स्टिक रिपोर्ट कार्ड’ और प्रमाणपत्र न केवल उनका मनोबल बढ़ाएंगे, बल्कि अभिभावकों का भी सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के प्रति विश्वास मजबूत होगा।
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