[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

झुंझुनूं में बेसहारा पशुओं के लिए ‘आधुनिक नंदीशाला’ बनेगी:1.57 करोड़ की योजना, 90% अनुदान से देरवाला में नंदीशाला निर्माण शुरू होगा


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

झुंझुनूं में बेसहारा पशुओं के लिए ‘आधुनिक नंदीशाला’ बनेगी:1.57 करोड़ की योजना, 90% अनुदान से देरवाला में नंदीशाला निर्माण शुरू होगा

झुंझुनूं में बेसहारा पशुओं के लिए 'आधुनिक नंदीशाला' बनेगी:1.57 करोड़ की योजना, 90% अनुदान से देरवाला में नंदीशाला निर्माण शुरू होगा

झुंझुनूं : झुंझुनूं शहर में आवारा पशुओं और उनसे होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए नगर परिषद ने बड़ा कदम उठाया है। पशुपालन विभाग के सहयोग से शहर के पास देरवाला में आधुनिक नंदीशाला बनाई जाएगी, जिससे बेसहारा गोवंश को सुरक्षित आश्रय मिल सकेगा।

1.57 करोड़ का बजट, सरकार देगी 90% अनुदान

इस नंदीशाला के निर्माण के लिए 1.57 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है। इसमें से 90 प्रतिशत यानी 1.41 करोड़ रुपए राज्य सरकार अनुदान के रूप में देगी, जबकि नगर परिषद को केवल 15.70 लाख रुपए का योगदान करना होगा।

किश्तों में जारी होगी राशि

निर्माण कार्य में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बजट तीन किश्तों में जारी किया जाएगा। पहली दो किश्तें 62.80 लाख रुपए की होंगी, जबकि कार्य पूरा होने पर अंतिम 15.70 लाख रुपए जारी किए जाएंगे।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी नंदीशाला

देरवाला में बनने वाली नंदीशाला को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां पशुओं के लिए ऊंचे टिनशेड, खुले बाड़े, पानी के लिए पक्की खेलियां और चारे के लिए भंडार गृह बनाए जाएंगे। साथ ही बीमार और घायल पशुओं के इलाज के लिए एक सुसज्जित चिकित्सीय कक्ष भी तैयार किया जाएगा।

उपनिदेशक पशुपालन विभाग झुंझुनूं।
उपनिदेशक पशुपालन विभाग झुंझुनूं।

पशुओं के भत्ते का भी प्रावधान

सरकार ने बड़े गोवंश के लिए 50 रुपए और छोटे गोवंश के लिए 25 रुपए प्रतिदिन की दर से सालभर भत्ता देने का प्रावधान किया है, जिससे उनकी देखभाल बेहतर तरीके से हो सके।

जिलेभर में नंदीशाला योजना को बढ़ावा

जिले की 14 पंचायत समितियों में नंदीशाला खोलने की योजना पर काम तेज हो गया है। खेतड़ी, उदयपुरवाटी और नवलगढ़ क्षेत्रों में भी तैयारियां चल रही हैं। झुंझुनूं पंचायत समिति स्तर पर पहली बार इस तरह की व्यवस्था होने जा रही है, जिससे निराश्रित पशुओं को सड़कों से हटाकर सुरक्षित स्थान मिल सकेगा।

Related Articles