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सात दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर का समापन


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सात दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर का समापन

सात दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर का समापन

सरदारशहर : श्री भंवरलाल दूगड़ आयुर्वेद विश्व भारती, गांधी विद्या मंदिर तथा संस्कृत भारती चूरू के संयुक्त तत्वावधान में 9 से 15 मार्च तक आयोजित सात दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर का उत्साहपूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम में संस्कृत भारती जयपुर के प्रांत मंत्री चंद्रशेखर शर्मा ने कहा कि संस्कृत भारत की आत्मा और आयुर्वेद का प्राण तत्व है। उन्होंने बताया कि संस्कृत भारती वर्ष 1981 से संस्कृत को जन-जन की भाषा बनाने के लिए प्रयासरत है।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. रवींद्र चौधरी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आयुर्वेद विद्यार्थियों के लिए संस्कृत के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं गांधी विद्या मंदिर के अध्यक्ष हिमांशु दूगड़ ने कहा कि आयुर्वेद की मूल संहिताएं संस्कृत में रची गई हैं, इसलिए विद्यार्थियों के लिए संस्कृत का ज्ञान आवश्यक है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृत भारती चूरू के जिला अध्यक्ष डॉ. अविनाश पारीक ने की। शिविर संयोजक सहायक आचार्य संदीप हारित ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समापन पर प्रतिभागियों ने संस्कृत में आत्मपरिचय, संवाद, गीत और नाटक प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में महाविद्यालय के संकाय सदस्य और विद्यार्थी मौजूद रहे।

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