रमजान की फास्टिंग ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में सहायक है – डॉ साजिद चौहान
रमजान की फास्टिंग ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में सहायक है - डॉ साजिद चौहान
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : मोहम्मद अली पठान
चूरू : जिला मुख्यालय पर डॉ साजिद चौहान वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (फिजिशियन) राजकीय डी बी जिला अस्पताल चूरू ने माहे रमजान की मुबारकबाद देते हुए कहा कि रमजान में रोजा (उपवास) रखना वैज्ञानिक रूप से स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद माना गया है। यह शरीर को डिटॉक्स (detox) करता है, पाचन तंत्र को आराम देता है, मोटापा कम करता है, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित कर दिल को स्वस्थ रखता है, और मानसिक शांति प्रदान करता है। यह प्रक्रिया शरीर में 12-14 घंटे के उपवास के कारण स्व-सुधार (autophagy) को प्रोत्साहित करती है। रमजान के मुख्य वैज्ञानिक फायदे (Scientific Advantages):
बॉडी डिटॉक्स और पाचन: लंबे समय तक खाली पेट रहने से शरीर का पाचन तंत्र आराम करता है और टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं।
मेटाबॉलिज्म में सुधार और वजन कमी: रोजा रखने से Adiponectin हार्मोन बढ़ता है, जो मेटाबॉलिज्म (metabolism) में सुधार करता है, जिससे वजन कम होने और फैट बर्न होने में मदद मिलती है।
हृदय स्वास्थ्य (Heart Health): यह शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने में मदद कर सकता है, जिससे हार्ट अटैक का जोखिम कम हो सकता है। ब्लड शुगर का नियंत्रण: रमजान की फास्टिंग ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में सहायक है, जिससे टाइप 2 डायबिटीज से लड़ने में मदद मिल सकती है।
मानसिक और दिमागी स्वास्थ्य: रोज़ा रखने से तनाव (stress) और अवसाद (depression) कम होता है, और दिमाग की कार्यक्षमता बेहतर होती है।
पुरानी बीमारियों से बचाव: यह पुरानी बीमारियों (chronic diseases) और कैंसर के ट्यूमर के विकास को रोकने में मदद कर सकता है।
इम्यूनिटी में बढ़ोतरी: यह शरीर के अंदर की सूजन को कम करता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है।
रमजान में सहरी (Sehri) करना सुन्नत है, जो शरीर को दिन भर ऊर्जावान बनाए रखने, थकान कम करने एवं metabolism को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण है। यह रक्त शर्करा को स्थिर रखती है,निर्जलीकरण से बचाती है, मानसिक एकाग्रता में सुधार करती है ।और पौष्टिक भोजन से दिन भर के लिए शारीरिक सहनशक्ति प्रदान करती है।
सेहरी के लिए बेहतरीन विकल्प:
पोषण विशेषज्ञ सहरी में फाइबर, प्रोटीन और जटिल कार्बोहाइड्रेट (complex carbs) जैसे दलिया, साबुत अनाज, अंडे, दही, और खजूर शामिल करने की सलाह देते हैं, जो धीरे-धीरे ऊर्जा छोड़ते हैं। रोजा रखने से आध्यात्मिक फायदे भी हैं।
माहे रमजान में रोजेदार को सावधानियां रखनी चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, रोज़े के दौरान सहरी (सुबह) और इफ्तार (शाम) में संतुलित आहार लें, और तला-भुना खाने से बचें ताकि इन वैज्ञानिक फायदों का पूरा लाभ मिल सके।
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