[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

NHAI का 4 दिन में प्रतिष्ठान खाली करने का अल्टीमेटम:रींगस में व्यापारियों और मकान मालिकों ने किया प्रदर्शन


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
टॉप न्यूज़राजस्थानराज्यरींगससीकर

NHAI का 4 दिन में प्रतिष्ठान खाली करने का अल्टीमेटम:रींगस में व्यापारियों और मकान मालिकों ने किया प्रदर्शन

NHAI का 4 दिन में प्रतिष्ठान खाली करने का अल्टीमेटम:रींगस में व्यापारियों और मकान मालिकों ने किया प्रदर्शन

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : अशोक सिंह शेखावत

रींगस : रींगस में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा छह लेन सड़क निर्माण के लिए चार दिन में मकान और प्रतिष्ठान खाली करने के अल्टीमेटम के विरोध में व्यापारियों और मकान मालिकों ने रविवार शाम बैठक की। बैठक के बाद सर्वसम्मति से इस अल्टीमेटम का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया गया। उन्होंने विधायक और क्षेत्रीय अधिकारियों से मिलकर न्याय की मांग करने का भी निर्णय लिया।

सड़क के केंद्र से 30 मीटर दूर तक मार्किंग

कांग्रेस नेता सूरज्ञान धाबार और एडवोकेट किशन नेहरा ने बैठक में बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 52 पर एनएचएआई छह लेन सड़क का निर्माण कर रहा है। सड़क के केंद्र से 30 मीटर की दूरी तक मार्किंग की गई है, जिसके तहत 100 से अधिक दुकानें और मकान प्रभावित हो रहे हैं। इन संपत्तियों को चार दिन के भीतर खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि एनएचएआई ने बिना किसी जांच के इन 50 साल से अधिक पुराने मकानों और दुकानों को अतिक्रमण मानकर कार्रवाई की चेतावनी दी है, जो कि गलत है। उन्होंने कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बिना जांच के अतिक्रमण की श्रेणी में रखने का आरोप

झाबरमल बाजिया, राजेंद्र जाखड़ और जयप्रकाश पावंडा ने भी यही बात दोहराई कि एनएचएआई ने बिना जांच के ही मकानों और दुकानों को अतिक्रमण की श्रेणी में रखा है। उन्होंने मांग की कि तोड़फोड़ की कार्रवाई से पहले उचित जांच की जाए और प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाए। इसके बाद ही एनएचएआई को आगे की कार्रवाई करनी चाहिए।

राजेंद्र शर्मा लाडपुर ने कहा कि एनएचएआई को पहले विधिवत नोटिस जारी करना चाहिए। उन्होंने बताया कि चार दिन में मकान और दुकानें खाली करना संभव नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि मुआवजे के भुगतान के बाद खाली करने के लिए कम से कम एक महीने का समय दिया जाना चाहिए।

प्रदर्शन तेज करने की चेतावनी दी

चेतावनी दी कि यदि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर दस्तावेजों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई नहीं की गई, तो विरोध प्रदर्शन को और तेज किया जाएगा। इस बैठक में जनसेवक भंवर लाल कुमावत, अतुल शर्मा, विकास निठारवाल, मंगल चंद पावंडा, नेमीचंद वर्मा, शिंभूदयाल सैनी, हेमंत सोनी, गिरधारी लाल कुमावत, राजेंद्र शर्मा, गोपाल रूंडला, राजेंद्र जाखड़, मंगल सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।

Related Articles