[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

रामलीला के ‘परशुराम’ ओमप्रकाश शर्मा का निधन:कला जगत में शोक, छह दशकों तक अपनी कला से लोगों को किया मंत्रमुग्ध


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

रामलीला के ‘परशुराम’ ओमप्रकाश शर्मा का निधन:कला जगत में शोक, छह दशकों तक अपनी कला से लोगों को किया मंत्रमुग्ध

रामलीला के 'परशुराम' ओमप्रकाश शर्मा का निधन:कला जगत में शोक, छह दशकों तक अपनी कला से लोगों को किया मंत्रमुग्ध

झुंझुनूं : शेखावाटी अंचल में अपनी दमदार आवाज और सजीव अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले रामलीला के वरिष्ठ कलाकार ओमप्रकाश शर्मा अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके आकस्मिक निधन की खबर फैलते ही पूरे कस्बे शोक की लहर दौड़ गई।

पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, ओमप्रकाश शर्मा पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जयपुर रेफर कर दिया। जयपुर के SMS हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

सूरजगढ़ में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में कस्बे के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और कला प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। उनके बड़े पुत्र अनिल शर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी। वे अपने पीछे पुत्र पवन शर्मा (पत्रकार) सहित पोते-पोतियों और भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

परशुराम के रूप में मिली पहचान

ओमप्रकाश शर्मा का रामलीला से गहरा नाता था। उन्होंने लगभग 60 वर्षों (छह दशक) तक मंच पर विभिन्न भूमिकाएं निभाईं, लेकिन भगवान परशुराम के पात्र में उन्होंने जो जीवंत अभिनय किया, उसने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया। उनकी संवाद अदायगी और क्रोधित परशुराम के भाव इतने सजीव होते थे कि लोग उन्हें वास्तविक जीवन में भी ‘परशुराम’ के नाम से ही पहचानने लगे थे।

वरिष्ठ कलाकार पालीराम मुंशी ने कहा कि ओमप्रकाश श्रीरामलीला कमेटी के स्तंभ थे। उनके निधन पर विष्णु शर्मा, डॉ. अरुण पुष्करणा, महेश शर्मा, पवन सेन और मनोज शर्मा सहित अनेक साथी कलाकारों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।

Related Articles