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हरसावा क्षेत्र में दिन-रात के तापमान में उतार-चढ़ाव:अस्पताल में जुकाम-खांसी और दमे के मरीजों की लंबी कतार, विशेष सावधानी बरतने की सलाह


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हरसावा क्षेत्र में दिन-रात के तापमान में उतार-चढ़ाव:अस्पताल में जुकाम-खांसी और दमे के मरीजों की लंबी कतार, विशेष सावधानी बरतने की सलाह

हरसावा क्षेत्र में दिन-रात के तापमान में उतार-चढ़ाव:अस्पताल में जुकाम-खांसी और दमे के मरीजों की लंबी कतार, विशेष सावधानी बरतने की सलाह

फतेहपुर : फतेहपुर के हरसावा क्षेत्र में दिन और रात के तापमान में लगभग 27 डिग्री सेल्सियस का बड़ा अंतर मौसमी बीमारियों के तेजी से फैलने का कारण बन रहा है। इस मौसम के उतार-चढ़ाव का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिख रहा है, जिससे जुकाम, खांसी, बुखार और दमे के मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है।

इसके परिणामस्वरूप अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। फतेहपुर के धानुका उप जिला चिकित्सालय में भी ओपीडी में मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सामान्य दिनों की तुलना में यहां दोगुने से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों में सर्दी-खांसी और सांस से संबंधित समस्याएं अधिक सामने आ रही हैं।

धानुका उप जिला चिकित्सालय के फिजिशियन डॉ. जीवराज ढाका ने बताया कि दिन और रात के तापमान में अधिक अंतर होने के कारण लोग अक्सर सावधानी नहीं बरतते। सुबह और शाम को ठंडक रहती है, जबकि दिन में गर्मी महसूस होती है। ऐसे में लोग कपड़ों और खान-पान में लापरवाही करते हैं, जिससे वे मौसमी बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं।

उन्होंने पुष्टि की कि अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले दोगुनी से भी अधिक हो गई है। डॉ. ढाका ने चेतावनी दी कि यदि तापमान में इसी तरह उतार-चढ़ाव बना रहा, तो आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है।

उन्होंने लोगों को ऐसे मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाकर रखने पर जोर दिया।उन्होंने लोगों को खान-पान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। डॉ. ढाका ने रात का ठंडा या बासी खाना खाने और फ्रिज के ठंडे पानी का सेवन करने से बचने को कहा।

इसके अलावा सुबह-शाम हल्के गर्म कपड़े पहनने और शरीर को ठंड से बचाने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सर्दी-खांसी या बुखार के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर इन मौसमी बीमारियों से बचा जा सकता है। बदलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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