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गोचर – अंगोर व ओरण – सारण व मंदिर माफी भूमियो से अतिक्रमण हटाने की मांग


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गोचर – अंगोर व ओरण – सारण व मंदिर माफी भूमियो से अतिक्रमण हटाने की मांग

सरकारी भुमियो पर कच्चे मक्के निर्माण और चार दिवारी बना कर किए गए अतिक्रमण को ध्वस्त किया जाए

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : मोहम्मद अली पठान

लाडनूं : लाडनूं विधानसभा क्षेत्र के संधर्षशील वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मो० मुश्ताक खान कायमखानी ने राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र प्रेषित कर लाडनूं शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ओरण, अंगोर, सारण, मंदिर माफी भुमियो पर क्षेत्र के सुविधा संपन्न प्रभावशाली लोगों ने स्थानीय प्रशासन की आसपी मिलीभगत के चलते खुल्लम-खुल्ला अति्रमण कर रखा है जबकी अतिक्रमियों के पास स्वयं की निजी संपत्ति व खेत सहित घरेलू जमीनों के मालिक होने के बावजूद भी सरकार की लाखों करोड़ों रुपए की भुमियो पर अतिक्रमण कर रखा है। बहुत से लोगों ने ऐसी भुमियो पर कच्चा पक्का निर्माण करके चार दिवारी आदी बना ली है तथा जलदाय विभाग और विधुत विभाग के साथ आपसी मिलिभगत करके फर्जी दस्तावेज के आधार पर जल व बिजली कनेक्शन तक ले लिए हैं। कुछ अतिक्रमियों ने तो अतिक्रमण वाली सरकारी भुमियो को ऊंची किमतो पर क़ब्ज़े के आधार पर जरिए स्टाम्प अग्रीमेंट के अन्य लोगों तक को बेचान कर दिया है। कायमखानी ने बताया की ओरण-गोचर भूमि बचाने पर जोर दिया जाएगा,‌ ये भूमि पशुओं-वन्यजीवों के जीवनयापन से जुड़ी, इसका संरक्षण बहुत जरूरी। ओरण और गोचर भूमिया बर्बाद होने से पशुओं पर भी संकट आएगा। ओरण व गोचर भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी भूमि के स्थान पर ओरण व गोचर भूमि के नाम से दर्ज करने की मांग की गई है।पर्यावरण संतुलन के लिए पौधे लगाएं कायमखानी ने कहा कि ओरण व गोचर भूमि, तालाब, प्राचीन कुएं, बावड़ियों का संरक्षण जनहित से जुड़ा है। ये भूमि पशुओं व वन्यजीवों के जीवन यापन के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है। हाल ही में सीएम भजनलाल शर्मा की ओर से खेजड़ी की कटाई पर पूरी तरह से रोक लगाई है। यह निर्णय सही व उचित है। इसी तरह ओरण और गोचर भूमि पर भी सरकार जल्द ध्यान देते हुए निस्तारण करवाएगी। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधरोपण किया जाना चाहिए और इस संबंध मैं आम जनता को भी जागरूक किया जाना चाहिए।

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