[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

खनन विरोधी आंदोलन में 18 मांगों पर बनी सहमति:हुकमपुरा-बामलास क्षेत्र में 60 दिन चला था प्रदर्शन


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़नवलगढ़राजस्थानराज्य

खनन विरोधी आंदोलन में 18 मांगों पर बनी सहमति:हुकमपुरा-बामलास क्षेत्र में 60 दिन चला था प्रदर्शन

खनन विरोधी आंदोलन में 18 मांगों पर बनी सहमति:हुकमपुरा-बामलास क्षेत्र में 60 दिन चला था प्रदर्शन

जाखल : हुकमपुरा-बामलास-गुढ़ाबावनी क्षेत्र में खनन गतिविधियों के विरोध में चले 60 दिवसीय आंदोलन के बाद 18 सूत्रीय मांगों पर सहमति बन गई है। इस संबंध में श्री भोमिया जी महाराज मंदिर में एक बैठक आयोजित की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए एडवोकेट जयन्त मूण्ड ने बताया कि यह गुढागौड़जी के इतिहास का सबसे बड़ा आंदोलन था। उन्होंने कहा कि प्रशासन और लीज धारकों के साथ 18 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी थी। मूण्ड ने यह भी बताया कि धरनार्थियों ने आपसी सहमति से प्रशासन को वार्ता के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास करते हुए वार्ता में बाधा डाली, जिसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा।

धरनार्थी सामाजिक नेताओं दारा सिंह मेघवंशी, रामजीलाल सोहु, सूबेदार महादेव सोहु, प्रदीप यादव और लीलाधर मीणा ने संयुक्त रूप से स्पष्ट किया कि आंदोलन से जुड़े सभी निर्णय लीज धारकों, ग्राम पंचायत बामलास और ग्राम पंचायत गुढ़ा बावनी की सहमति से लिए गए थे। उन्होंने बताया कि केवल एक व्यक्ति ने इन निर्णयों का विरोध किया था।

सहमति के तहत कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इनमें भारी ब्लास्टिंग से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत, अत्यधिक कंपन वाली मशीनों पर रोक, नियंत्रित ब्लास्टिंग से पूर्व सायरन का अनिवार्य होना और रात्रि 8 बजे से सुबह 4 बजे तक मशीन संचालन पर प्रतिबंध शामिल है। इसके अतिरिक्त, धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी छिड़काव, स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता (एक माह के ट्रायल के साथ), 51 हजार पौधारोपण, गौचर भूमि की तारबंदी, खेल मैदान में 101 पौधे और जरूरतमंद बेटियों के विवाह में ₹21 हजार का सहयोग जैसे सामाजिक व पर्यावरणीय निर्णय भी शामिल हैं।

एडवोकेट जयन्त मूण्ड ने अपने विरुद्ध लगाए गए आरोपों पर आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सहमति से पीछे हटने का प्रयास किया गया, तो व्यापक स्तर पर फिर से आंदोलन किया जाएगा। इस बैठक में सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।

Related Articles