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बाइक बेचने का ऐड सोशल मीडिया पर डालकर फंसा किसान:उल्लू दिलवाने के नाम पर महिला ने ठगा, कहा- डॉक्टर इनके 15 लाख रुपए तक देते


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बाइक बेचने का ऐड सोशल मीडिया पर डालकर फंसा किसान:उल्लू दिलवाने के नाम पर महिला ने ठगा, कहा- डॉक्टर इनके 15 लाख रुपए तक देते

बाइक बेचने का ऐड सोशल मीडिया पर डालकर फंसा किसान:उल्लू दिलवाने के नाम पर महिला ने ठगा, कहा- डॉक्टर इनके 15 लाख रुपए तक देते

सीकर : सीकर में उल्लू दिलवाने के नाम पर 6 लाख रुपए ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में मास्टरमाइंड महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, महिला के पति और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। आरोपियों ने पीड़ित किसान विक्रम (32) को एक फेसबुक पोस्ट के जरिए झांसे में लिया। घटना सदर थाना इलाके की है।

SHO इंद्रराज मरोड़िया ने बताया- मामले में मास्टरमाइंड महिला रामली देवी(35) पत्नी राजेंद्र कुमार बावरिया निवासी डेरा चारणवास और सोहन बावरिया (23) पुत्र जोरुराम बावरिया निवासी मोटलावास को गिरफ्तार किया है। रामली की छोटी बहन की सगाई की बात सोहन के साथ चल रही है। ऐसे में रामली और सोहन एक-दूसरे को जानते हैं।

मामले में सांवलोदा लाडखानी के रहने वाले विक्रम ने 17 फरवरी को थाने में केस दर्ज करवाया है। रिपोर्ट में बताया कि एक महीने पहले उसने अपनी मोटरसाइकिल बेचने के लिए फेसबुक पर एक पोस्ट की थी। इसके बाद 9 फरवरी 2026 को विक्रम के पास एक आदमी का मैसेज आया। इसने बाइक खरीदने की बात कही। इसलिए विक्रम ने उस आदमी को अपने नंबर दे दिए। उसी दिन दूसरे नंबर से विक्रम के पास फोन आया। फोन करने वाले ने बाइक देखने की बात कही। अगले दिन 10 फरवरी को दो आदमी और एक महिला विक्रम के घर पर आए। जो 30 हजार रुपए में बाइक को लेने के लिए तैयार हो गए। कहा कि 2 दिन बाद मोटरसाइकिल ले जाएंगे।

उल्लू की तस्वीर,जिसके नाम पर रामली और उसकी गैंग के लोगों ने विक्रम से 6 लाख रुपए ठगे।
उल्लू की तस्वीर,जिसके नाम पर रामली और उसकी गैंग के लोगों ने विक्रम से 6 लाख रुपए ठगे।

उनके जाने के 20 मिनट बाद विक्रम के पास एक महिला का कॉल आया। महिला ने कहा कि अभी वह बाइक देखने के लिए आई थी। महिला ने विक्रम को कहा कि तुम्हें एक उल्लू की फोटो भेजी है। वह तुम्हें कहीं भी नजर आए तो बताना। इसके बाद कई बार महिला ने उल्लू के बारे में जानकारी मांगी और कहा- उल्लू दिखाई दिया या नहीं।

अगले दिन 11 फरवरी को सुबह 8:34 बजे वापस विक्रम के पास महिला ने कॉल किया। कहा कि उन्हें उल्लू मिल गया है। महिला ने विक्रम को कहा- वर्तमान में वह उल्लू विक्रम के गांव के नजदीक भढाढ़र गांव में है। महिला और उसके साथियों ने बाइक लेकर विक्रम को वहां बुला लिया। जब विक्रम ने मौके पर जाकर देखा तो उन लोगों के पास एक उल्लू बैठा था। महिला उसे किसी से खरीद रही थी।

ऐसे में विक्रम ने उल्लू के बारे में पूछा तो बताया गया कि यह उल्लू केवल डॉक्टर खरीदते हैं। यह बहुत महंगा आता है। इसकी कीमत करीब 15 लाख है। वहां पर उल्लू बेचने के लिए महिला ने एक डॉक्टर को कॉल किया। फिर महिला ने कहा कि जब तक डॉक्टर आए तब तक चाय पी लेते हैं। इसके बाद एक बिना नंबर की बोलेरो गाड़ी में चार लोग डॉक्टर की ड्रेस पहने हुए आए।

मास्टरमाइंड महिला रामली और इसका पति राजेंद्र ही पूरी वारदात के मुख चेहरे हैं।
मास्टरमाइंड महिला रामली और इसका पति राजेंद्र ही पूरी वारदात के मुख चेहरे हैं।

डॉक्टर उल्लू को 15 लाख में लेने के लिए तैयार हो गए। जिस आदमी के पास वह उल्लू था, उसने उल्लू देने के बदले 6 लाख मांगे। लेकिन महिला ने पैसे कम होना बताया। इसके बाद सभी वहां से आ गए। अगले दिन 13 फरवरी को महिला ने दोबारा विक्रम को कॉल किया और कहा कि आधे पैसे आप दे दो और आधे की व्यवस्था मैं कर लूंगी। बाद में उल्लू को बेचने पर जो पैसे मिलेंगे वह आपको वापस दे दूंगी और आपकी बाइक भी खरीद लूंगी।विक्रम ने 3 लाख रुपए देने के लिए हां कर दी। फिर महिला विक्रम को कहने लगी कि मेरे पास पैसों की व्यवस्था नहीं हुई है,, इसलिए पूरे रुपए आप ही दे दो।

विक्रम घर से 6 लाख रुपए लेकर महिला के पास चला गया। इसके बाद महिला और उल्लू का मालिक दोनों को एक सुनसान जगह लेकर चला गया। विक्रम ने 6 लाख रुपए महिला को दे दिए। वहीं, 6 लाख रुपए महिला ने उल्लू के मालिक को दिए। फिर महिला ने उल्लू लेकर कहा कि वह डॉक्टर को फोन कर रही है। महिला ने विक्रम को उल्लू कट्टे में डालकर दे दिया। कहा कि इसे लेकर जाओ। विक्रम उस उल्लू को लेकर वहां से रवाना हो गया। इसी दौरान पीछे से एक गाड़ी आई।

कार ने विक्रम का पीछा करना शुरू कर दिया। विक्रम अपनी जान बचाने के लिए मौके से भागकर अपने ननिहाल पहुंच गया। उस उल्लू को भी रास्ते में ही फेंक दिया। विक्रम ने महिला और उसके साथी लोगों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि हम दादिया थाने से बोल रहे हैं और फोन काट दिया। इसके बाद लगातार फोन स्विच ऑफ आया।

SHO इंद्रराज मरोड़िया ने कहा कि लोग महंगे कछुए,टीवी ट्यूब,उल्लू के नाम पर बहकावे में न आएं।
SHO इंद्रराज मरोड़िया ने कहा कि लोग महंगे कछुए,टीवी ट्यूब,उल्लू के नाम पर बहकावे में न आएं।

SHO इंद्रराज मरोड़िया ने बताया- मास्टरमाइंड रामली, उसका पति राजेंद्र और इनके अन्य साथियों ने मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। इनका टारगेट था कि खेती का काम करने वाले किसान विक्रम को अपने झांसे में लेकर उसके साथ ठगी कर लेंगे। लेकिन मुकदमा दर्ज होने के चार से पांच दिन के भीतर ही पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

इस तरह की गैंग भोलेभाले लोगों को पिक्चर ट्यूब, उल्लू और कछुए के महंगे बिकने का लालच देकर ठगी करती है। कई दिनों तक गैंग के लोग इस तरह का माहौल बनाते हैं कि ठगी का शिकार होने वाले आदमी को ऐसा लगे कि जो चीज वह खरीद रहा है, वह हकीकत में महंगी बिकेगी। ऐसा कुछ भी नहीं होता है।

गैंग के लोगों ने उल्लू को देखने के लिए जिन डॉक्टर को बुलाया था, वह डॉक्टर भी नकली थे। इन्हीं की गैंग के लोग थे। जो उल्लू को देखने के लिए आए और 15 लाख में उसकी बोली लगा दी। आरोपियों की गिरफ्तारी में सब इंस्पेक्टर भोलराम, हैड कॉन्स्टेबल शौकीन खां सहित अन्य की भूमिका रही।

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