अवैध खनन के खिलाफ 60 दिन का धरना हटा:प्रशासन की कार्रवाई से ग्रामीणों में रोष, दिल्ली कूच की चेतावनी
अवैध खनन के खिलाफ 60 दिन का धरना हटा:प्रशासन की कार्रवाई से ग्रामीणों में रोष, दिल्ली कूच की चेतावनी
जाखल : हुक्मपुरा गांव में अवैध खनन के विरोध में पिछले 60 दिनों से चल रहा धरना प्रदर्शन प्रशासन ने हटवा दिया है। शाम को पांच थानों की पुलिस के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और धरना स्थल को खाली कराया। यह धरना 29 दिसंबर से जारी था, जिसमें ग्रामीण खनन गतिविधियों पर रोक लगाने, ब्लास्टिंग से घरों और कुओं को हुए नुकसान की भरपाई करने और लीज के उल्लंघन पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
जिला कलेक्टर के आदेश पर प्रशासन ने पुलिस के सहयोग से धरना स्थल को खाली कराया। पुलिस बल की मौजूदगी में लोगों को वहां से हटाया गया और धरना समाप्त करने की घोषणा की गई। धरनार्थियों के टेंट, कुर्सियां और अन्य सामान ट्रैक्टर में भरकर ले जाए गए। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात था।
धरना समाप्त होने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई पर रोष व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया और बलपूर्वक धरना हटाया। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो वे दिल्ली में केंद्र सरकार के समक्ष प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि अवैध खनन पर पूर्ण रोक और हुए नुकसान की भरपाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रशासन की कार्रवाई के बाद गांव में स्थिति शांत है। गुढ़ागौडजी तहसीलदार ने बताया कि जिला कलेक्टर के आदेशानुसार पुलिस प्रशासन के सहयोग से हुक्मपुरा लीज का रास्ता खुलवाया गया है।
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