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झुंझुनूं मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल के खिलाफ डॉक्टर सड़कों पर उतरे:कलेक्टर के आश्वासन पर कार्य बहिष्कार स्थगित किया, काली पट्टी बांधकर करेंगे ड्यूटी


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झुंझुनूं मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल के खिलाफ डॉक्टर सड़कों पर उतरे:कलेक्टर के आश्वासन पर कार्य बहिष्कार स्थगित किया, काली पट्टी बांधकर करेंगे ड्यूटी

झुंझुनूं मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल के खिलाफ डॉक्टर सड़कों पर उतरे:कलेक्टर के आश्वासन पर कार्य बहिष्कार स्थगित किया, काली पट्टी बांधकर करेंगे ड्यूटी

झुंझुनूं : झुंझुनूं में मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. राकेश साबू के खिलाफ आंदोलन कर रहे सेवारत चिकित्सकों ने जिला कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद अपने आंदोलन की रणनीति में बदलाव किया है।

जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग द्वारा ठोस कार्यवाही का आश्वासन मिलने के बाद चिकित्सक संघ (अरिसदा) ने बुधवार को प्रस्तावित 2 घंटे के कार्य बहिष्कार को फिलहाल स्थगित कर दिया है। हालांकि, डॉक्टर्स का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक जिलेभर में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

कलेक्टर ने दो दिन में कार्यवाही का भरोसा दिया

अरिसदा के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग से मुलाकात कर प्राचार्य के विरुद्ध ज्ञापन सौंपा। मुलाकात के दौरान कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को समझते हुए राजमेस (RAJMES) आयुक्त से फोन पर वार्ता की। कलेक्टर ने चिकित्सकों को आश्वस्त किया है कि आगामी दो दिनों के भीतर इस प्रकरण में ठोस कार्यवाही की जाएगी।

कलेक्टर से मिले आश्वासन के बाद ‘जनरल बॉडी मीटिंग’ (GBM) में चिकित्सकों ने निर्णय लिया कि मरीजों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए कार्य बहिष्कार नहीं किया जाएगा, लेकिन सांकेतिक विरोध दर्ज कराने के लिए काली पट्टी बांधकर काम किया जाएगा।

10वें दिन भी लगाए प्रिंसिपल के विरोध में नारे

हालांकि जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में विरोध प्रदर्शन अपने 10वें दिन भी जारी रहा। झुंझुनूं के लगभग 75 चिकित्सकों ने अस्पताल के मुख्य द्वार पर प्रिंसिपल डॉ. साबू के खिलाफ नारेबाजी की और उनके रवैये की निंदा की। जिलेभर के लगभग 400 चिकित्सक इस मुहिम में शामिल हुए हैं।

6 महीने में 6 डॉक्टरों की बर्खास्तगी को लेकर विरोध

अरिसदा प्रवक्ता डॉ. विजय झाझड़िया ने बताया कि पदों के सृजन या विलोपन की शक्ति राज्य सरकार के पास होती है। लेकिन प्रिंसिपल ने नियम विरुद्ध जाकर 6 माह में 6 डॉक्टरों के पद विलोपित कर दिए। महासचिव डॉ. राजेन्द्र ढाका ने कहा कि जिस तरह से चिकित्सकों को बर्खास्त किया गया, उससे पूरे चिकित्सा जगत में रोष है और सेवारत डॉक्टर खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं।

ये रहे प्रदर्शन में शामिल

विरोध प्रदर्शन के दौरान अरिसदा अध्यक्ष डॉ. एस.ए. जब्बार, महासचिव डॉ. राजेन्द्र ढाका समेत डॉ. श्रीराम दुलड़, डॉ. सुमन भालोठिया, डॉ. अनिता गुप्ता, डॉ. शीशराम गोठवाल, डॉ. पुष्पा रावत, डॉ. राजेन्द्र पायल, डॉ. जगदेव सिंह, डॉ. सिद्धार्थ शर्मा, डॉ. मधु तंवर, डॉ. विनिता मोर, डॉ. आकांक्षा, डॉ. मनीषा चौधरी, डॉ. श्वेता, डॉ. दीपक देवठिया, डॉ. सपना झाझड़िया, डॉ. राहुल सोनी, डॉ. गौरव बूरी, डॉ. ईकराज अहमद, डॉ. दुष्यंत बसेरा, डॉ. प्रियंका कस्वा, डॉ. सुरेश मील, डॉ. नेमीचंद, डॉ. संदीप नेमीवाल, डॉ. प्रमोद तेतरवाल, डॉ. प्यारेलाल भालोठियां, डॉ. नयन झाझडिया, डॉ. बंशीधर झाड़ियां, डॉ. मेनका, डॉ. विजेन्द्र ज्याणी, डॉ. अरविंद जाखड़, डॉ. नवीन, डॉ. कपूर थालौर, डॉ. पूनम चौधरी और डॉ. नरेंद्र काजला सहित बड़ी संख्या में चिकित्साकर्मी मौजूद रहे।

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