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पिपराली–दुर्गापुरा को यूआईटी में शामिल करने का विरोध


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पिपराली–दुर्गापुरा को यूआईटी में शामिल करने का विरोध

कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण, नगर पालिका घोषित करने की उठाई मांग

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : अशोक सिंह शेखावत

सीकर : शहर से सटे पिपराली ग्राम पंचायत के पिपराली और दुर्गापुरा गांव को नगर सुधार न्यास सीकर (यूआईटी) क्षेत्र में शामिल किए जाने के फैसले के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दोनों गांवों को यूआईटी से बाहर रखने की मांग की।

ग्रामीणों ने मांग रखी कि या तो पिपराली और दुर्गापुरा को पूर्व की तरह पंचायत समिति में ही यथावत रखा जाए अथवा पिपराली पंचायत समिति को नगर पालिका घोषित किया जाए, ताकि क्षेत्र का सुनियोजित विकास संभव हो सके।

“यूआईटी में शामिल करने से विकास होगा बाधित” – सरपंच

पिपराली ग्राम पंचायत की सरपंच संतोष मूंड ने बताया कि हाल ही में राज्य सरकार द्वारा पिपराली और दुर्गापुरा को यूआईटी क्षेत्र में सम्मिलित किया गया है, जिससे ग्रामीणों में असंतोष है। उनका कहना है कि पिपराली जनसंख्या और क्षेत्रफल की दृष्टि से बड़ा गांव है तथा यह आसपास के कई गांवों का पंचायत समिति मुख्यालय भी है।

उन्होंने कहा कि यहां प्रशासनिक, शैक्षणिक, सामाजिक और व्यावसायिक गतिविधियां निरंतर बढ़ रही हैं, जिससे नगरीय सुविधाओं की आवश्यकता महसूस की जा रही है। ऐसे में पिपराली को नगर पालिका घोषित किया जाना अधिक उपयुक्त होगा।

ग्रामीणों का तर्क है कि यूआईटी क्षेत्र में शामिल होने के बाद न तो उन्हें नगरपालिका जैसी सुविधाएं मिलेंगी और न ही ग्राम पंचायत स्तर पर स्वतंत्र रूप से विकास कार्य हो सकेंगे। इससे विकास कार्यों के अवरुद्ध होने की आशंका है।

मांगें नहीं मानी तो बड़ा आंदोलन

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। प्रदर्शन के दौरान पिपराली और दुर्गापुरा के सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे और जनहित में जल्द कार्रवाई की मांग की।

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