[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

झुंझुनूं-राजगढ़ हाईवे पर टोल के खिलाफ आक्रोश:धनुरी में 50 गांवों का अनिश्चितकालीन धरना, 20 किमी क्षेत्र को टोल मुक्त करने की मांग


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
खेतड़ीटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

झुंझुनूं-राजगढ़ हाईवे पर टोल के खिलाफ आक्रोश:धनुरी में 50 गांवों का अनिश्चितकालीन धरना, 20 किमी क्षेत्र को टोल मुक्त करने की मांग

झुंझुनूं-राजगढ़ हाईवे पर टोल के खिलाफ आक्रोश:धनुरी में 50 गांवों का अनिश्चितकालीन धरना, 20 किमी क्षेत्र को टोल मुक्त करने की मांग

झुंझुनूं : झुंझुनूं-राजगढ़ स्टेट हाईवे पर टोल वसूली शुरू होते ही इलाके में जन आक्रोश फूट पड़ा है। धनुरी स्थित टोल प्लाजा पर पिछले तीन दिनों से ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। आसपास के करीब 50 गांवों के लोग लामबंद होकर आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी 6 सूत्री मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

धरना स्थल पर 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले दर्जनों गांवों के लोग टोल मुक्त क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर डटे हुए हैं। आंदोलन में किसान, युवा और विभिन्न व्यापारिक संगठनों से जुड़े लोग बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।

नियमों के उल्लंघन का आरोप, अवैध तरीके से स्थापित है टोल

अखिल भारतीय किसान सभा (मलसीसर) के महासचिव अरविन्द गढ़वाल ने धरने को संबोधित करते हुए टोल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि धनुरी में स्थापित टोल प्लाजा सरकारी नियमों और दिशा-निर्देशों की अनदेखी कर लगाया गया है। गढ़वाल ने मांग की कि टोल की स्थापना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जब तक जांच पूरी न हो, तब तक स्थानीय लोगों से वसूली पर रोक लगाई जाए।

टोल प्लाजा पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे ग्रामीण
टोल प्लाजा पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे ग्रामीण

ग्रामीणों ने टोल प्रबंधन को ज्ञापन सौंपते हुए नियमों के उल्लंघन और स्थानीय हितों की अनदेखी के आरोप लगाए हैं।

20 किमी परिधि में टोल माफी : स्थानीय लोगों की मांग है कि टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी गांवों के निजी वाहनों को पूरी तरह टोल मुक्त किया जाए।

60 किमी दूरी के नियम का उल्लंघन : प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नियमानुसार दो टोल प्लाजा के बीच कम से कम 60 किलोमीटर की दूरी होनी चाहिए, जबकि लम्बोर बड़ी और धनुरी टोल के बीच केवल 43 किलोमीटर का अंतर है। इसे अवैध बताते हुए टोल हटाने की मांग की गई है।

पौधारोपण का अधूरा वादा : हाईवे निर्माण के दौरान 16,700 पौधे लगाने का वादा किया गया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ। ग्रामीणों ने तुरंत पौधारोपण शुरू करने की मांग की है।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी : हाईवे पर पर्याप्त सुरक्षा संकेतक (साइन बोर्ड) और दिशा-निर्देश नहीं लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इससे हादसों की आशंका बनी हुई है।

बढ़ता जा रहा समर्थन

धरने में अजीत सिंह, महेंद्र बाबल, तौफीक, विजय खालिया, देवकीनंदन बसेरा, जयपाल महला, शीशराम सरावग, महिपाल पूनिया, नरेश राहड़, दिनेश, शाहिद खान, जगमाल, न्यूम भाटी, अनीश, साहिन, सुमित बलौदा, राजवीर खीचड़, अलीमुद्दीन, विकास महला, अनूप कटारिया, अरुण कालेर, सुरेंद्र सिलाएच, संदीप रेवाड़ और सद्दाम सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा मौजूद रहे।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र हस्तक्षेप कर समाधान नहीं निकाला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल धनुरी टोल प्लाजा क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।

Related Articles