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UGC नियमों से कॉलेज परिसरों में बढ़ेंगी दूरियां:यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ श्री राजपूत करणी सेना और स्वर्ण समाज का विरोध, झुंझुनूं में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन


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UGC नियमों से कॉलेज परिसरों में बढ़ेंगी दूरियां:यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ श्री राजपूत करणी सेना और स्वर्ण समाज का विरोध, झुंझुनूं में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

UGC नियमों से कॉलेज परिसरों में बढ़ेंगी दूरियां:यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ श्री राजपूत करणी सेना और स्वर्ण समाज का विरोध, झुंझुनूं में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

झुंझुनूं : केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए यूजीसी (UGC) के नियमों और कानूनों के विरोध में श्री राजपूत करणी सेना एवं समस्त स्वर्ण समाज, राजस्थान मुखर हो गया है। झुंझुनूं में बुधवार को यात्रा पहुंची। जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया।

नियमों को वापस लेने और ईडब्ल्यूएस प्रक्रिया के सरलीकरण की मांग को लेकर करणी सेना द्वारा देशनोक (बीकानेर) स्थित श्री करणी माता मंदिर से राजधानी जयपुर तक 650 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली जा रही है। इसी क्रम में झुंझुनूं में जिला कलेक्टर के माध्यम से देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।

​कॉलेज परिसरों में असुरक्षा और मतभेद का अंदेशा

​श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने बताया कि यूजीसी के नए नियमों और कानूनों से सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों में भारी हतोत्साह और असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है। अब तक कॉलेज परिसरों में सभी जातियों और वर्गों के छात्र-छात्राएं अत्यंत सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के साथ शिक्षा ग्रहण करते आए हैं, लेकिन इस नए कानून के लागू होने से विभिन्न वर्गों के बीच मतभेद और दूरियां बढ़ने की आशंका उत्पन्न हो गई है। उन्होंने मांग की है कि शिक्षा के मंदिर को ऐसी नीतियों से दूर रखा जाए ताकि आपसी प्रेम और भाईचारा बना रहे।

​ईडब्ल्यूएस (EWS) प्रक्रिया हो सरल

​ज्ञापन के माध्यम से यह भी मांग की गई है कि राजस्थान राज्य सरकार की तर्ज पर केंद्र सरकार को भी ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र बनवाने की प्रक्रिया को बेहद सरल करना चाहिए। इससे समाज के आर्थिक रूप से कमजोर (गरीब) वर्ग के लोगों को केंद्र सरकार की नौकरियों और योजनाओं में आरक्षण का वास्तविक लाभ सुगमता से मिल सकेगा और वे आम जनजीवन में आर्थिक संबल प्राप्त कर सकेंगे।

जब तक रोलबैक नहीं होता, जारी रहेगा संघर्ष

राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कड़े शब्दों में कहा कि यूजीसी द्वारा जो इक्विटी कमीशन के नाम पर समानता आयोग लाया गया है, उसमें समानता जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था के तहत एससी, एसटी, ओबीसी, एक महिला और एक दिव्यांग को अलग रखकर सामान्य वर्ग (जनरल) को पूरी तरह अलग कर दिया गया है, जो कि न्यायसंगत नहीं है।

​मकराना ने चेतावनी देते हुए कहा हमारा बच्चा चार गुना फीस भरकर और तमाम कठिनाइयों के बावजूद पढ़ाई करने जाता है, लेकिन इस प्रकार के नियमों के जरिए हमारे बच्चों को एजुकेशन से दूर करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। हमारे 95%, 98% और 99% अंक लाने वाले बच्चों को अपराधी घोषित करने की कोशिश की जा रही है, जिसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।

​उन्होंने आगे कहा कि अभी यह केवल राजस्थान में एक झांकी और शुरुआत है। यदि इन मांगों पर जल्द संज्ञान नहीं लिया गया और यूजीसी के इन नियमों को वापस (रोलबैक) नहीं किया गया, तो यह पदयात्रा और विरोध प्रदर्शन अन्य राज्यों में भी शुरू किए जाएंगे तथा यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं।

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