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सामाजिक समरसता मंच टीटनवाड़ द्वारा प्रतिभाओं का सम्मान


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सामाजिक समरसता मंच टीटनवाड़ द्वारा प्रतिभाओं का सम्मान

सामाजिक समरसता मंच टीटनवाड़ द्वारा प्रतिभाओं का सम्मान

जनमानस शेखावाटी संवाददाता : मुकेश सिंह

गुढ़ागौड़जी : टिटनवाड सामाजिक समरसता मंच द्वारा आयोजित चतुर्थ श्रद्धा एवं सम्मान समारोह में प्रेममूर्ति महन्त हेमन्तदास महाराज के सानिध्य में चालीस से अधिक प्रतिभाओं का सम्मान किया गया।इस अवसर पर सरकारी नौकरी में चयनित युवाओं के साथ ही शिक्षा एवं खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। अपनी लेखनी से सत्य की आवाज को आमजन तक पहुंचाने वाले पत्रकार बंधुओं का माला, शॉल, श्रीफल,साफा और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया गया। समारोह में बीपीएल दिव्यांग और असहाय जरूरत मंदों को कंबल वितरण किए गये।

समारोह के मुख्य अतिथि महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक बिजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में भाईचारे एवं समता की भावना को बढ़ाते हैं।आज के राजनैतिक एवं सामाजिक परिप्रेक्ष्य में यह आयोजन अपने आप में प्रेरणा कार्यक्रम बन गया है। जातीय सम्मेलनों के बीच सभी समाजों को साथ लेकर चलने वाला सामाजिक समरसता मंच भी सम्मान का हकदार हैं।

मुख्य वक्ता उपभोक्ता एवं प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने वाली प्रतिभाओं का सम्मान युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। बड़े पदों पर पहुंचने के बाद भी अपने गांव की संस्कृति और सभ्यता से भी जुड़े रहना चाहिए। शिक्षा जब संस्कारों से जुड़ जाति है तो उसका सही लाभ समाज और राष्ट्र को मिलता है। समरसता मंच द्वारा असहाय और जरुरत मंद के प्रति श्रद्धा भाव रखते हुए जो सम्मान दिया है यही मानव सेवा है।

महन्त हेमन्त दास महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि सभी के अन्दर एक ही परमात्मा का वास है। इसलिए सभी एक है। गरीब को गणेश मानकर सेवा करने से बड़ा कोई धर्म नहीं है। व्यक्ति को मानव, प्रकृति, जड़ और चेतन सभी में सम दृष्टि रखनी चाहिए।इस अवसर पर पूर्व सरपंच ओमप्रकाश महला, पंचायत समिति सदस्य रामसिंह खेदड़, पूर्व पंचायत समिति सदस्य रणजीत सिंह, दिनेश केडिया, मदन सिंह, रामावतार मीणा, कुन्दन कुमावत, श्रीपाल सिंह, रणधीर सिंह, मातादीन मेघवाल, ईश्वर सिंह, सुबराती कुरैशी, श्रीपाल महला, रामनिवास महला, रामदेव सोहू, भागीरथ सिंह ढाका, भवानी सिंह, बलवीर वाल्मीकी, विकास शर्मा, दामोदर जांगिड़, मनोज जांगिड़, सुखवीर सिंह आदि ग्रामीण जन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन रामसिंह टीटनवाड़ ने किया।

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