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खेतड़ीनगर में श्रीमद्भागवत कथा, श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन:कथावाचक पुष्पेंद्र शुक्ला ने गोवर्धन पूजा, माखन चोरी का महत्व समझाया


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खेतड़ीनगर में श्रीमद्भागवत कथा, श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन:कथावाचक पुष्पेंद्र शुक्ला ने गोवर्धन पूजा, माखन चोरी का महत्व समझाया

खेतड़ीनगर में श्रीमद्भागवत कथा, श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन:कथावाचक पुष्पेंद्र शुक्ला ने गोवर्धन पूजा, माखन चोरी का महत्व समझाया

खेतड़ी नगर : केसीसी के थर्ड सेक्टर स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन मंगलवार को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। चित्रकुट के कथा वाचक पुष्पेंद्र शुक्ला ने संगीतमय कथा वाचन कर भगवान की बाल लीलाओं के चरित्र का वर्णन किया। श्रोताओं से कहा कि लीला और क्रिया में अंतर होती है। अभिमान तथा सुखी रहने की इच्छा प्रक्रिया कहलाती है। इसे ना तो कर्तव्य का अभिमान है और ना ही सुखी रहने की इच्छा, बल्कि दूसरों को सुखी रखने की इच्छा को लीला कहते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने यही लीला की, जिससे समस्त गोकुलवासी सुखी और संपन्न थे। उन्होंने कहा कि माखन चोरी करने का आशय मन की चोरी से है।

फोटो: खेतड़ी नगर। कथा सुनकर मंत्रमुग्ध होकर नाचती महिलाएं

कन्हैया ने भक्तों के मन की चोरी की। उन्होंने तमाम बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए उपस्थित श्रोताओं को वात्सल्य प्रेम में सराबोर कर दिया। उन्होंने कहा कि कार्तिक माह में ब्रजवासी भगवान इंद्र को प्रसन्न करने के लिए पूजन कार्यक्रम की तैयारी करते हैं, परंतु भगवान कृष्ण उनको इंद्र की पूजा करने से मना कर देते हैं और गोवर्धन की पूजा करने के लिए कहते हैं। यह बात सुनकर भगवान इंद्र नाराज हो जाते हैं और गोकुल को बहाने के लिए भारी वर्षा करते हैं। इसे देखकर समस्त ब्रजवासी परेशान हो जाते हैं। भारी वर्षा को देखकर भगवान कृष्ण कनिष्ठ अंगुली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर सभी लोगों को उसके नीचे छिपा लेते हैं। भगवान द्वारा गोवर्धन पर्वत को उठाकर लोगों को बचाने से इंद्र का घमंड चकनाचूर हो गया। मथुरा को कंस के आतंक से बचाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का वध किया। कथा वाचक पुष्पेंद्र शुक्ल ने गोवर्धन पूजा, माखन चोरी का वर्णन किया। कथा सुन कर महिलाएं जमकर नृत्य किया।

इस मौके पर महेश सिंघानिया, चौधरी बलजीतसिंह, केएल खत्री, रामौतार बंसल, कमलेश शर्मा, लक्ष्मी, सुनीता, कमला, सुधा बंसल, कमलेश, रेखा अग्रवाल आदि ने श्रद्धांलूओं ने कथा का आनद उठाया।

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