सांस्कृतिक संस्थानों में आरक्षित वर्गों की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए : सांसद बृजेंद्र सिंह ओला
सांस्कृतिक संस्थानों में आरक्षित वर्गों की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए : सांसद बृजेंद्र सिंह ओला
नई दिल्ली/झुंझुनूं : झुंझुनूं सांसद बृजेंद्र सिंह ओला ने लोकसभा में अतारांकित प्रश्न के माध्यम से संस्कृति मंत्रालय और इसकी संबद्ध संस्थाओं में OBC, SC और ST वर्गों के कम प्रतिनिधित्व पर गंभीर चिंता जताई।
सांसद ओला ने कहा कि राष्ट्रीय संग्रहालय, साहित्य अकादमी, संगीत नाटक अकादमी, IGNCA, राष्ट्रीय अभिलेखागार जैसे प्रमुख सांस्कृतिक संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर आरक्षित वर्गों की उपस्थिति लगभग नगण्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई संस्थान एकल पद, संविदा भर्ती और विशेष श्रेणियां लागू नहीं जैसे बहानों से आरक्षण व्यवस्था से बचते रहे हैं, जिससे नई नियुक्तियों में आरक्षित वर्गों की भागीदारी बेहद कम रह गई है।
तत्काल कार्रवाई की मांग
सांसद ओला ने लंबित पदों पर आरक्षण लागू कर भर्ती प्रक्रिया तुरंत शुरू करने, तथा SC/ST/OBC अधिकारियों के लिए पदोन्नति और प्रशिक्षण नीति लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आंकड़ों का मुद्दा नहीं बल्कि न्याय, समान अवसर और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा प्रश्न है।
ओला ने स्पष्ट कहा कि संस्कृति मंत्रालय में भेदभावपूर्ण व्यवस्था स्वीकार नहीं की जा सकती और आरक्षित वर्गों को उनका उचित प्रतिनिधित्व मिलना ही चाहिए।
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