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SSC-GD कॉन्स्टेबल परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाया,ऑल-इंडिया 34वीं रैंक आई:हरियाणा-गुजरात में काटी फरारी, आरोपी गिरफ्तार; एग्जाम में 3 घंटे बाथरूम में बैठा रहा था मुख्य अभ्यर्थी


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SSC-GD कॉन्स्टेबल परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाया,ऑल-इंडिया 34वीं रैंक आई:हरियाणा-गुजरात में काटी फरारी, आरोपी गिरफ्तार; एग्जाम में 3 घंटे बाथरूम में बैठा रहा था मुख्य अभ्यर्थी

SSC-GD कॉन्स्टेबल परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाया,ऑल-इंडिया 34वीं रैंक आई:हरियाणा-गुजरात में काटी फरारी, आरोपी गिरफ्तार; एग्जाम में 3 घंटे बाथरूम में बैठा रहा था मुख्य अभ्यर्थी

सीकर : सीकर में SSC-GD कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाने मामले में पुलिस ने 2 हजार रुपए के इनामी आरोपी मुख्य अभ्यर्थी को गिरफ्तार कर लिया।

सीकर के धोद DYSP राजेश ढाका ने बताया- आरोपी सचिन मलिक (22) पुत्र जय भगवान जाट निवासी पूर्णपुरा भिवानी नौकरी के लिए हरियाणा और गुजरात चला गया था। वहां फरारी काटने के बाद नौकरी ढूंढता रहा। परंतु वेरिफिकेशन नहीं होने पर नौकरी नहीं मिली तो आरोपी सचिन वापस सीकर आया। इस पर पुलिस ने उसे गुरुवार को पकड़ लिया।

बता दें कि 7 फरवरी 2025 को प्राइवेट सेंटर पर SSC-GD कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा हुई थी। इसमें सचिन मलिक ने परीक्षा में अपनी जगह डमी कैंडिडेट सचिन (26) पुत्र जगमेंद्र निवासी रोहतक (हरियाणा) काे बैठाया था। SSC-GD परीक्षा का रिजल्ट कुछ महीने बाद ही आ गया था। इसमें डमी कैंडिडेट की बदौलत असली कैंडिडेट सचिन की ऑल इंडिया लेवल पर 34वीं रैंक आई थी।

डेढ़ लाख में हुई थी डील

भादरा हनुमानगढ़ के रहने वाले संदीप ने सीकर के SBS शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान के ऑनलाइन एग्जाम सेंटर को एक साल से अनुबंध पर ले रखा था। संदीप की असली कैंडिडेट सचिन मलिक से दिल्ली में मुलाकात हुई थी। वह दिल्ली में कोई परीक्षा देने के लिए गया था। तब संदीप ने उससे कहा था- वह उसे ऑनलाइन एग्जाम में पास करवा देगा। संदीप ने उसके मोबाइल नंबर भी ले लिए थे।

दिल्ली में एग्जाम देने के बाद असली कैंडिडेट सचिन मलिक अपने घर चला गया था। इसके बाद संदीप ने वॉट्सएप के जरिए उससे संपर्क किया। SSC-GD कॉन्स्टेबल परीक्षा में उसकी जगह डमी कैंडिडेट बैठाने के लिए दोनों के बीच डेढ़ लाख रुपए में डील फाइनल हुई।

डील फाइनल होने के बाद एग्जाम के दिन 7 फरवरी 2025 को असली कैंडिडेट सचिन मलिक सीकर पहुंचा। जहां संदीप ने सेंटर स्टाफ के साथ मिलीभगत करके डमी कैंडिडेट (सचिन) को एंट्री दिलवा दी। परीक्षा के दौरान असली कैंडिडेट संदीप मलिक वॉशरूम में रहा और उसकी जगह डमी कैंडिडेट हरियाणा निवासी सचिन ने परीक्षा दी।

फरवरी 2025 को हुआ था एग्जाम

SSC-GD का एग्जाम 7 फरवरी 2025 को ऑनलाइन हुआ था। एग्जाम टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की ओर से करवाया गया था। सीकर में SBS शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान पर सेंटर था। एग्जाम के बाद 10 फरवरी को कंसल्टेंसी सर्विसेज IEG के पर्यवेक्षक नरेश कुमार ने SBS का दौरा किया था। उन्होंने सेंटर के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को चेक किया था। इसके बाद डमी कैंडिडेट की ओर से परीक्षा देने का खुलासा हुआ था। इसके बाद सदर पुलिस थाने में मामला दर्ज हुआ।

इसके बाद मामले में TCS के 2 कर्मचारी राकेश, दिनेश, डमी कैंडिडेट सचिन, बजरंगलाल को गिरफ्तार किया गया था। वहीं अब तक सेंटर संचालक संदीप फरार हैं। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद सीकर के ऑनलाइन सेंटर SBS शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान को एग्जाम के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था।

हरियाणा और गुजरात में काटी फरारी

आरोपी सचिन ने पहले हरियाणा में रिश्तेदारों और दोस्तों के यहां फरारी काटी। इसके बाद आरोपी नौकरी करने के मकसद से गुजरात गया, लेकिन मुकदमा दर्ज होने के चलते उसका वेरिफिकेशन नहीं हो सका और उसे नौकरी नहीं मिली। ऐसे में वापस आरोपी आ गया। पुलिस को ह्यूमन इंटेलिजेंस से सूचना मिली कि आरोपी सीकर आया हुआ है। जहां पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी की गिरफ्तारी में सीओ धोद ऑफिस के हैड कॉन्स्टेबल मंगलाराम, कॉन्स्टेबल पवन, देवकीनंदन और सदर पुलिस थाने के कॉन्स्टेबल अनिल की विशेष भूमिका रही।

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