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राजस्थान विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी के लिए पायलट का गढ़ ही नहीं, RLP और BAP भी बड़ी परेशानी


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राजस्थान विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी के लिए पायलट का गढ़ ही नहीं, RLP और BAP भी बड़ी परेशानी

Rajasthan Assembly By Election 2024 : लोकसभा चुनाव 2024 में राजस्थान के 5 विधायक अब संसद पहुंच चुके हैं, यानि की सांसद बन चुके हैं. विधायकों ने पद से इस्तीफा भी दे दिया है. अब इन 5 सीटों पर 6 महीनें के भीतर उपचुनाव होंगे. लोकसभा चुनाव 2024 में कमजोर दिखी बीजेपी के लिए ये उपचुनाव खुद को फिर से साबित करने जैसा होगा. बीजेपी के आलाकमान के पास राजस्थान में लोकसभा चुनावों में कांग्रेस से मिल शिकस्त के बाद रिपोर्ट पहुंच चुकी है. ऐसे में पार्टी इन 5 सीटों पर जीत का मास्टर प्लान बनाने में जुट चुकी है.

Rajasthan Assembly By Election 2024 : लोकसभा चुनाव 2024 में राजस्थान के 5 विधायक अब संसद पहुंच चुके हैं, यानि की सांसद बन चुके हैं. विधायकों ने पद से इस्तीफा भी दे दिया है. अब इन 5 सीटों पर 6 महीनें के भीतर उपचुनाव होंगे.

लोकसभा चुनाव 2024 में कमजोर दिखी बीजेपी के लिए ये उपचुनाव खुद को फिर से साबित करने जैसा होगा. बीजेपी के आलाकमान के पास राजस्थान में लोकसभा चुनावों में कांग्रेस से मिल शिकस्त के बाद रिपोर्ट पहुंच चुकी है. ऐसे में पार्टी इन 5 सीटों पर जीत का मास्टर प्लान बनाने में जुट चुकी है.

इन 5 सीटों पर विधानसभा उपचुनाव 
खींवसर- हनुमान बेनीवाल
चौरासी- राजकुमार रोत
झुंझुनूं- बृजेंद्र सिंह ओला
देवली उनियारा- हरिश्चंद मीणा
दौसा- मुरारी लाल मीणा

खींवसर विधानसभा सीट
इस बार बेहद कम मार्जन से जीते हनुमान बेनीवाल की इस जाट बाहुल्य सीट पर पकड़ है. चार बार बेनीवाल इसी सीट से जीतें है. लेकिन अब देखना ये हैं कि क्या कांग्रेस के साथ आरएलपी इस सीट पर समझौता करेगी या कांग्रेस अपना उम्मीदवार नहीं उतारेंगी. इस सबके बीच बीजेपी के लिए यहां कड़ी चुनौती होगी.

चौरासी विधानसभा सीट
इस सीट पर राजकुमार रोत जीत कर दो बार विधायक रह चुके हैं. आदिवासी इस सीट पर BAP की पकड़ बहुत मजबूत है. ऐसे में यहां बीजेपी के लिए मुश्किलें ज्यादा बढ़ सकती है.

झुंझुनूं विधानसभा सीट
कांग्रेस की परंपरागत सीट पर कांग्रेस आखिरीबार 2003 में हारी थी और सुमित्रा सिंह ने बीजेपी के टिकट पर जीत हासिल की थी. इस बार लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने सीट पर कब्जा किया है.

देवली उनियारा और दौसा सीट 
मीणा और गुर्जर बाहुल्य इस सीट पर, कांग्रेस जीत को पक्का मान रही है. वजह है इन दोनों ही सीटों पर सचिन पायलट का खास प्रभाव होगा. दौसा लोकसभा सीट भी कांग्रेस के नाम ही रही है.

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