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स्वच्छ भारत मिशन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त:नाम नहीं काम बोलता है : गुप्ता


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स्वच्छ भारत मिशन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त:नाम नहीं काम बोलता है : गुप्ता

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) समन्वयक केके गुप्ता ने ली प्रतापगढ़ में बैठक, स्वच्छ भारत मिशन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

जनमानस शेखावाटी संवाददाता : चन्द्रकान्त बंका–

प्रतापगढ़ : नगर परिषद डूंगरपुर के पूर्व सभापति और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के तहत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए नियुक्त समन्वयक के के गुप्ता ने गुरुवार को प्रतापगढ़ कलक्ट्रेट परिसर में जिला कलेक्टर अंजली राजोरिया के साथ समस्त 8 ब्लॉक्स विभाग के समस्त विकास अधिकारियों, तकनीकी अधिकारियों, ब्लॉक समन्वयकों की बैठक ली। बैठक में प्रतापगढ़ जिले से 8 ग्राम पंचायत को स्वच्छता के हर स्तर पर मॉडल बनाने के लिए चयन करने का निर्णय किया गया। इन ग्राम पंचायत को राजस्थान राज्य में मॉडल पंचायत के रूप में विकसित किया जाएगा और स्वच्छ भारत मिशन के तहत यहां सभी कार्य संपादित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि अब नाम से चलने वाला जमाना गया, व्यक्ति का काम बोलता है। अब जो काम करेगा, वही रहेगा बाकी को जाना पड़ेगा। हर गांववासी को बताते हुए गर्व की अनुभूति हो, ऐसा काम होना चाहिए।

गुप्ता ने कहा कि डोर टू डोर कचरा संग्रहण का यदि पूरा काम हो जाता है तो करीब 60% काम पूर्ण माना जा सकता है। गाड़ी सही समय पर आए, 365 दिन आये और गीला और सूखा कचरा अलग अलग होना चाहिए। इसे सेग्रिगेशन करने के बाद सूखा कचरा बेचा जाता है। उन्होंने बताया कि उक्त चयनित ग्राम पंचायत में आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) प्लांट, गीला और सूखा कचरा नियत समय पर अलग-अलग करके एकत्र करना, कंपोस्ट पिट बनाना, कचरे का सेग्रीगेशन करना, ग्रे वॉटर ट्रीटमेंट, तालाब के अंदर गंदे पानी के जाने पर रोकथाम, पंचायत में बाग बगीचे और ओपन जिम तथा झूले लगाए जाना, सामुदायिक शौचालय का निर्माण, ब्लैक वाटर का ट्रीटमेंट, प्लास्टिक घर बनाना, बायोगैस प्लांट, सार्वजनिक दीवारों पर पेंटिंग, नारा लेखन आदि करना, पंचायत के प्रवेश पर स्वच्छता संबंधी होर्डिंग लगाना, कचरा यार्ड की नियमित रूप से सफाई और लिगेसी वेस्ट का निस्तारण करना, पुरानी टूटी हुई सड़क और नाली की मरम्मत करने सहित गांव में महिला स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक पंचायत में 10 सिलाई मशीन उपलब्ध कराना, पंचायत में पुस्तकालय, आरो मशीन प्लांट, पंचायत में स्थित होटल में साफ सफाई की विशेष निगरानी सहित सौर ऊर्जा प्लांट लगाना और वातावरण में फैले हुए प्रदूषण को नियंत्रित करने सहित आदि घटक पर कार्य किया जाएगा।

गुप्ता ने कहा कि यदि हम मंदिर को स्वच्छ रखते हैं तो हर मोहल्ले को, गांव को क्यों साफ नहीं रख सकते। यही सोच हमें रखनी होगी। पानी का टीडीएस यदि 400 से अधिक है तो उसे कैसे अपने उपयोग में लेने लायक बनाएं। हर गांव में 2 व्यक्तियों को प्रेरक बनाएं और वो उस गांव में हर गृहिणी को गंदगी से फैलने वाली बीमारियों उल्टी, दस्त, मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड के बारे मे बताएं। साथ ही प्लास्टिक से गौ माता को होने वाली परेशानी की बारे में बताएं ताकि वे न सिर्फ गंदगी बल्कि प्लास्टिक के बारे में जागरूक हों।

उन्होंने जिला कलेक्टर अंजली राजोरिया से कहा कि स्वच्छता में अग्रिम रहने पर ग्राम सचिव, सरपंच, ब्लॉक अधिकारी, विकास अधिकारी आदि का स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस पर सम्मान होना चाहिए। साथ ही उन्होंने हर घर जल योजना, किसान सम्मान निधि, आयुष्मान कार्ड आदि में लोगों के रजिस्ट्रेशन करवाने के निर्देश दिए।

गुप्ता ने कहा कि यदि आज भी किसी को स्वच्छ भारत मिशन के मॉडल शहर के रूप में देखना है तो डूंगरपुर का नाम सबसे पहले आता है। पहली बार 5 करोड़ रुपये का ईनाम नई दिल्ली से डूंगरपुर को मिला। सोलर के क्षेत्र में अच्छा काम करने के लिए डूंगरपुर को पारितोषिक मिला।

गुप्ता ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के यशस्वी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का स्वच्छ भारत मिशन के प्रति एक विजन है और इसको साकार करना राजस्थान प्रदेश सहित डूंगरपुर जिले के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों का दायित्व है। दोनों ही सरकार इस विषय पर बहुत गंभीरता के साथ कार्य कर रही हैं जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही और कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों की देश की स्थिति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजस्थान के यशस्वी मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा द्वारा स्वयं सघन निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता का विषय प्रत्येक जनमानस के साथ जुड़ा हुआ है और हमारे प्रदेश का प्रत्येक गांव स्वच्छ और सुंदर रहेगा तो वहां निवास करने वाले लोग भी स्वस्थ रहेंगे इसके साथ ही एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के साथ हमारे ग्रामीण अंचल भी सुदृढ़ होंगे जिससे वहां की आर्थिक व्यवस्था भी मजबूत बनेगी और हमारे गांव क्षेत्र भी विकसित श्रेणी में आ सकेंगे। स्वच्छता पर्यावरण के साथ भी जुड़ी हुई है इसलिए स्वच्छता अभियान में पर्यावरण और वातावरण का भी विशेष ध्यान रखते हुए बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया जाना चाहिए। आभार मुख्य कार्यकारी अधिकारी दुर्गा शंकर मीना ने व्यक्त किया।

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