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कल से शुरू होंगे शारदीय नवरात्रि:नौ दिन होगी मां दुर्गा के अवतारों की पूजा, घट स्थापना के लिए सुबह 9.27 पर शुभ मुहूर्त


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कल से शुरू होंगे शारदीय नवरात्रि:नौ दिन होगी मां दुर्गा के अवतारों की पूजा, घट स्थापना के लिए सुबह 9.27 पर शुभ मुहूर्त

कल से शुरू होंगे शारदीय नवरात्रि:नौ दिन होगी मां दुर्गा के अवतारों की पूजा, घट स्थापना के लिए सुबह 9.27 पर शुभ मुहूर्त

चिड़ावा : शारदीय नवरात्र की शुभ शुरुआत 15 अक्टूबर से हो रही है, जिसे लेकर मंदिरों से लेकर घरों तक लोगों ने तैयारी की है। सवेरे शुभ मुहूर्त में घट स्थापना की जाएगी। इसके बाद अगले नौ दिन तक मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना होगी। श्रद्धालु व्रत रखेंगे। इस बार घट स्थापना के लिए दिनभर में एक ही शुभ मुहूर्त है, जो सुबह 9.27 से शुरू होगा। इस बार अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक नौ दिन नवरात्र होंगे। 23 अक्टूबर को नवमी होगी। 24 को दशहरा मनेगा।

क्षेत्र के इन मंदिरों में नौ दिन होंगे आयोजन

चिड़ावा शहर की पुरानी बस्ती स्थित श्री देवी मंदिर, स्टेशन रोड स्थित दुर्गा मंदिर, कबूतरखाना स्टैंड स्थित संतोषी माता मंदिर सहित क्षेत्र के अनेक मंदिरों में 9 दिन तक धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।

दुर्गा पांडालों में विराजेगी देवियां

शहर में काफी जगह दुर्गा पांडालों में दुर्गा मां विराजित होंगी। शहर की खेतड़ी रोड पर भूतनाथ मंदिर के पास, पावर हाउस के सामने आदर्श कॉलोनी में, पुरानी बस्ती में टिबड़ा गेस्ट हाउस के पास, गौशाला रोड सहित शहर में अन्य स्थानों पर विधि विधान से पूजा कर माता को विराजित कराया जाएगा और नौ दिन तक विविध धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन होंगे।

क्यों करते हैं कलश स्थापना

कलश स्थापना का अर्थ है नवरात्रि के वक्त ब्रह्मांड में मौजूद शक्ति तत्व का घट यानी कलश में आह्वान करना। शक्ति तत्व के कारण घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है। नवरात्रि के पहले दिन पूजा की शुरुआत दुर्गा पूजा के लिए संकल्प लेकर ईशान कोण (पूर्व-उत्तर) में कलश स्थापना करके की जाती है।

नवरात्रि के व्रत-उपवास में इन बातों का ध्यान रखें

नवरात्रि में वैसे तो नौ दिनों तक बिना अन्न खाए सिर्फ फल खाकर उपवास करने का विधान है, लेकिन इतने कठिन नियम पालन नहीं हो सकते तो दूध और फलों का रस पीकर भी व्रत किया जा सकता है। इतना भी न किया जा सके तो एक वक्त खाना खाकर व्रत कर सकते हैं या पूरे नौ दिनों तक बिना नमक का भोजन करने का भी नियम ले सकते हैं।

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