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प्रतापगढ़ : जहां गर्भवती को निर्वस्त्र कर घुमाया वो गांव हुआ खाली:आरोपियों के घर के दरवाजे पर लिखा है- बहू-बेटियों की इज्जत


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प्रतापगढ़ : जहां गर्भवती को निर्वस्त्र कर घुमाया वो गांव हुआ खाली:आरोपियों के घर के दरवाजे पर लिखा है- बहू-बेटियों की इज्जत

जहां गर्भवती को निर्वस्त्र कर घुमाया वो गांव हुआ खाली:आरोपियों के घर के दरवाजे पर लिखा है- बहू-बेटियों की इज्जत

प्रतापगढ़ : गर्भवती को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाने वाले हैवानियत भरे कांड के बाद धरियावद के उस गांव में मौत जैसा सन्नाटा पसरा है। अपनी आंखों से महिला का चीरहरण देखने वाले लोग अपने घरों में ताले लगाकर फरार हैं। शर्मसार कर देने वाली ये घटना उस घर में हुई जिसके दरवाजे पर ‘बहू-बेटियों की इज्जत बचाओ’ स्लोगन लिखा था। पिता बार-बार उस घटना को याद कर रो पड़ते हैं जो उनकी बेटी के साथ हुई। दरिंदों के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाती रही, लेकिन वीडियो बनाने वाले ठहाके लगाते रहे। उस पीड़िता के पिता ने हमसे बात करते हुए कहा- हमारे लिए जीते जी मरने जैसी घटना है।

घर के बाहर लिखा- बहू-बेटियों की इज्जत बचाओ…।

पीड़िता के साथ जहां दरिंदगी हुई, उस घर के मुख्य दरवाजे पर लगा स्लोगन।
पीड़िता के साथ जहां दरिंदगी हुई, उस घर के मुख्य दरवाजे पर लगा स्लोगन।

जिस आरोपी पति व उसके परिवार ने गर्भवती के साथ यह हैवानियत की हम उसके घर बाहर पहुंचे ताे कदम ठिठक गए। हम हैरान थे… घर के बाहर दरवाजे पर स्वच्छ भारत मिशन के स्लोगन के रूप में लिखा था- ‘बहू-बेटियों की इज्जत बचाओ…।’ लेकिन कृत्य ऐसा कि पूरी मानवता शर्मसार हाे गई। और तो और इसी घर के आसपास दो-तीन लोगों की मौजूदगी में हैवानियत हुई, लेकिन किसी ने रोकने की जहमत तक नहीं उठाई। जो वीडियो सामने आए उसे शूट करने वालों से भी पीड़िता मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन मदद को कोई आगे नहीं आया। वीडियो बनाने वाले ठहाके लगा रहे थे।

25 से ज्यादा घर, ताले लगाकर सभी फरार

पहाड़ों के बीच बसे गांव में करीब 25 घरों की इस छितराई सी बस्ती में पुलिस की धरपकड़ और दूसरे पक्ष के बदले की कार्रवाई के डर से हर घर पर ताले लटके हुए हैं। घरों में बंधे मवेशियों के रंभाने की आवाज इस सन्नाटे को तोड़ती हैं। 31 अगस्त की शाम को महिला को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाने की घटना का वीडियो वायरल होने के बाद से यहां रहने वाले परिवार गांव छोड़कर भाग चुके हैं। दो दिन से घरों में बंधे मवेशी भी पानी को तरसते नजर आए।

घटना के बाद गांव में पसरा सन्नाटा।
घटना के बाद गांव में पसरा सन्नाटा।

हर चौराहे पर चर्चा, लेकिन जुबां पर चुप्पी

भास्कर टीम जब धरियावद से करीब 41 किलोमीटर दूर इस गांव में पहुंची तो रास्ते में कई गांवों के लोग पांच-दस के समूह में जमा हो रहे थे। घटना का हवाला देकर घटना वाले गांव का रास्ता पूछा तो केवल रास्ता बताने के अलावा कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं था। हर कोई इशारा करते हुए यही कह रहा था कि हां पुलिस की गाड़ियां इधर ही गई हैं।

जिस गांव में मन को झकझोर देने वाली ये वाली घटना हुई वहां का रास्ता तो दुर्गम है ही, एरिया भी रिमोट है, जहां मोबाइल में इंटरनेट तो दूर नेटवर्क तक बहुत मुश्किल से आ रहा था। हमने पहाड़ी की ऊंचाई पर जाकर ग्राउंड रिपोर्ट भेजी। वहां भी एक कदम इधर-उधर होते ही नेटवर्क गायब हो जाता है। 31 अगस्त को हुई घटना का वीडियो भी दूसरे दिन करीब 26 घंटे बाद वायरल होने पर सामने आ पाया।

दरिंदे पति ने ये भी नहीं सोचा कि उसके पेट में उसी का बच्चा पल रहा है: पीड़िता का पिता

पीड़िता के माता-पिता ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी बेटी का पास के गांव में ही एक साल पहले नाता विवाह करवाया था। कुछ दिन पहले हम गर्भवती बेटी को डिलीवरी के लिए घर ले गए थे। हमने बेटी को किसी और के नाते नहीं भेजा है। आरोपियों ने हमारी बेटी के साथ इतनी बुरी हरकत की है कि सोचकर ही रूह कांप उठती है।

वो जगह, जहां काली चुन्नी से हाथ बांधकर पीड़िता को निर्वस्त्र किया गया और उसके साथ मारपीट की गई। वो चीखती चिल्लाती रही, लेकिन किसी ने उस पर तरस नहीं खाया।
वो जगह, जहां काली चुन्नी से हाथ बांधकर पीड़िता को निर्वस्त्र किया गया और उसके साथ मारपीट की गई। वो चीखती चिल्लाती रही, लेकिन किसी ने उस पर तरस नहीं खाया।

इन दरिंदों ने सरेआम उसकी आबरू को कई लोगों के सामने उछाला। हमारी बेटी हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते हुए छोड़ने की गुहार करती रही, लेकिन दरिंदों ने एक नहीं सुनी। ये जीते जी हमारे लिए मरने जैसी घटना हो गई। बेटी के दरिंदे पति ने ये भी नहीं सोचा कि उसके पेट में उसी का 6 महीने का बच्चा पल रहा है। दोनों की जान की परवाह किए बगैर उसके साथ मारपीट करते हुए प्रताड़ित किया गया।

इस हरकत से बेटी और हमारे परिवार को शर्मसार होना पड़ा है। पुलिस ने जितनी जल्दी आरोपियों को पकड़ा है तो मेरी गुहार है कि पुलिस और सरकार उतनी ही तेजी से इन दरिंदों को कड़ी से कड़ी सजा भी दिलवाए। किसी महिला की आबरू को सरेआम उछाले वाले लोगों को मौत की सजा होनी चाहिए।

तीन दिन बाद भी सामान्य नहीं हो पाई पीड़िता, पहले भी प्रताड़ित कर चुका पति
निर्वस्त्र कर गांव में घुमाने की घटना ने पीड़िता को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। तीन दिन बाद भी वह सामान्य नहीं हो पाई है। पुलिस ने पीड़िता के पति के घर का पता पीड़िता से पूछा तो वह ठीक से नहीं बता पाई। एसपी ने धरियावद क्षेत्र में काम कर चुके अन्य थानों में लगे पुलिसकर्मियों की टीम बनाई थी। उसी टीम ने घर का पता लगाया। शनिवार को उच्च अधिकारियों ने पीड़िता से बात की, लेकिन वह सहज नहीं थी।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि माता-पिता के सामने भी उससे बात करने की कोशिश की गई, लेकिन वह ज्यादा नहीं बोल रही थी। गुमसुम बैठी थी। उसने कहा कि उसे विश्वास नहीं कि उसका पति उसके साथ ऐसा कर सकता है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि उसका पति उसे पहले भी प्रताड़ित करता रहा है।

ये अस्पताल का फोटो है। यहां 3 आरोपियों को इलाज के लिए लाया गया।

अब तक 7 गिरफ्तार

SP अमित कुमार ने बताया कि महिला ने शनिवार देर रात पुलिस में शिकायत की थी। इसके बाद FIR दर्ज कर इसमें 10 लोगों को नामजद कर पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी में जुट गई। आरोपियों को शुक्रवार रात ही यह खबर लग गई थी कि पुलिस गिरफ्तार करने आ रही है। इसके बाद आरोपियों ने जंगल की तरफ भागने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित 7 को गिरफ्तार कर लिया। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छह टीमें गठित की गई हैं।

इस बीच राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस घटना की निंदा की है। जांच के लिए कमेटी गठित की है। आयोग ने राजस्थान के DGP से मामले में फौरन एक्शन लेने को कहा और पांच दिन के अंदर इस मामले में रिपोर्ट देने को कहा है।

घटना के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पीड़िता से मिलने धरियावद पहुंचे।
घटना के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पीड़िता से मिलने धरियावद पहुंचे।

पीड़िता को नौकरी की घोषणा

घटना सामने आने के बाद धरियावद (प्रतापगढ़) गेस्ट हाउस में सीएम अशोक गहलोत ने पीड़िता से करीब 20 मिनट तक बातचीत की। इस दौरान पीड़िता के माता-पिता भी साथ थे। सीएम ने पीड़िता को सरकारी नौकरी और 10 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है। इस घटना पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सभ्य समाज में इस तरह के अपराधियों की कोई जगह नहीं है।

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