[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

मंडावा-अलसीसर में कांग्रेस की बढ़ी मुश्किलें, अपनों ने ही खोला मोर्चा


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

मंडावा-अलसीसर में कांग्रेस की बढ़ी मुश्किलें, अपनों ने ही खोला मोर्चा

टिकट कटने से नाराज नेताओं ने निर्दलीय भरे पर्चे, कई वार्डों में बिगड़ सकते हैं चुनावी समीकरण

झुंझुनूं : पंचायती राज चुनाव-2026 के चौथे और अंतिम चरण के चुनाव से पहले मंडावा और अलसीसर क्षेत्र में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। टिकट वितरण से नाराज पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और उनके समर्थकों ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरकर पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। कई वार्डों में अपनों की बगावत से कांग्रेस के चुनावी समीकरण प्रभावित होने की आशंका है।

अलसीसर पंचायत समिति के निवर्तमान प्रधान घासीराम पूनियां को पार्टी से टिकट नहीं मिला तो उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी पत्नी को भी दूसरे वार्ड से निर्दलीय चुनाव मैदान में उतार दिया है। इससे अलसीसर क्षेत्र में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

वहीं, भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुईं पूर्व प्रधान सुशीला सीगड़ा की बहन सविता ने भी पार्टी के फैसले को चुनौती देते हुए मंडावा पंचायत समिति के वार्ड 6 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया है।

इससे पहले एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राहुल जाखड़ ने जिला परिषद के वार्ड 5 से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया था। वहीं, भाजपा से विधानसभा चुनाव लड़ चुकीं सुशीला सीगड़ा ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा और कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में जिला परिषद के वार्ड 6 से नामांकन दाखिल किया।

वार्ड 12 में दो कांग्रेसियों ने खोली बगावत

मंडावा पंचायत समिति के वार्ड 12 में भी कांग्रेस को अपनों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। टिकट कटने से नाराज पूर्व सरपंच आबिद अली ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया है। इसी वार्ड से टिकट के दावेदार रहे कांग्रेसी नेता जाकिर झुंझुनूंवाला ने पार्टी की ओर से अनदेखी किए जाने पर अपनी पत्नी अनिषा बानो को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतार दिया है।

टिकट वितरण के बाद सामने आए इन बगावती तेवरों ने मंडावा और अलसीसर में कांग्रेस की चुनावी चुनौती बढ़ा दी है। अब चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों को न केवल विपक्षी दलों, बल्कि अपने ही खेमे से मिल रही चुनौती का भी सामना करना पड़ेगा।

Related Articles

Mantratoto luwakpoker aladin66 tupaiwin rupiah89 kios77 TOKO22 situs raffi ahmad bt62